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देहरादून का इतिहास और प्रमुख पर्यटन स्थल | Dehradun Tourist Places Guide in Hindi

देहरादून का इतिहास और प्रमुख पर्यटन स्थल | Dehradun Tourist Places Guide in Hindiहिमालय पर्वत की गोद में बसा देहरादून (Dehradun) एक खुबसुरत शहर होने के साथ ही उत्तराखंड की राजधानी भी है | अपने नैसर्गिक सौन्दर्य और मनोहारी आबोहवा के कारण देहरादून (Dehradun) पर्यटकों को आकर्षित करता है | मसूरी जाने के लिए यहाँ से होकर जाना पड़ता है और यही से शुरू होती है पर्वतीय चढाई | शाम ढले इस शहर की शोभा देखते ही बनती है | मसूरी से देखने पर दूनघाटी ऐसी लगती है मानो आसमान में लाखो तारे झिलमिला रहे हो |

देहरादून का इतिहास | Dehradun History in Hindi

प्राचीन समय में देहरादून (Dehradun) का नाम द्रोण आश्रम था क्योंकि द्रोणाचार्य शान्ति की खोज में यहाँ आये थे | यहा का वातावरण उन्हें इतना पसंद आया कि उन्होंने अपना आश्रम ही यहा बना लिया | देहरादून गढवाल शासको का एक महत्वपूर्ण केंद्र रहा है | यह काफी समय तक अंग्रेजो के अधीन रहा था | आरम्भ से ही शिक्षा का एक महत्वपूर्ण केंद्र रहे देहरादून में अनेक विख्यात पब्लिक स्कूल है जिसमे दून स्कूल का अपना अलग महत्व है | देहरादून में वन अनुसन्धान केंद्र , राष्ट्रीय इंडिया मिलिट्री कॉलेज और मिलिट्री अकेडमी भी है | इतना ही नही यहाँ अनेक संस्थाओं के मुख्यालय है जिसमे ONGC एवं सर्वे ऑफ़ इंडिया मुख्य है | देहरादून का बासमती चावल विश्व प्रसिद्ध है | साथ ही यहाँ चाय और लीची के बाग़ भी है |

देहरादून के दर्शनीय स्थल | Dehradun Tourist Places Guide in Hindi

मालसी मृग पार्क – देहरादून से 10 किमी की दूरी पर दो पहाडियों से घिरी सहस्त्रधारा अपने गंधक के पानी की धाराओं के लिए सुप्रसिद्ध है | यह खुबसुरत पर्यटक स्थल देहरादून-मसूरी मार्ग पर स्थित है | यह एक मिनी प्राणी उद्यान है और यहा बच्चो के लिए भी एक पार्क है | प्राकृतिक दृश्यों से भरपूर यह प्राणी उद्यान पर्यटकों की ख़ास सैरगाह है | छुट्टियों में यहाँ काफी चहल-पहल रहती है |
सहस्त्रधारा – यह गंधक के पानी की झरना है जिसमे उच्च औषधीय गुण मौजूद है | यहाँ बहती बालकी नदी में गंधक के सोते आकर मिलते है | शहर से 14 किमी की दूरी पर स्थित यह एक खुबसुरत पिकनिक स्थल है |
खलंग स्मारक – यह देहरादून सहस्त्रधारा मार्ग पर स्थित है | खलंग स्मारक अंग्रेजो और गोरखा शासको के बीच हुए युद्ध का प्रतीक है | एक हजार फुट ऊँचा यह स्मारक गढवाल शासको की शौर्य गाथाओं को स्वर देता प्रतीत होता है |
लक्ष्मण सिद्ध – देहरादून से 12 किमी की दूरी पर स्थित है लक्ष्मण सिद्ध | यह धर्म स्थान कम पिकनिक स्थल अधिक है | अधिकतर पर्यटक आस-पास के प्राकृतिक दृश्यों का अवलोकन करने के लिए यही आते है | यहाँ रविवार को अधिक चहल पहल रहती है |
चन्द्रबनी – देहरादून से 7 किमी दूर देहरादून -दिल्ली मार्ग पर स्थित है चन्द्रबनी | कहा जाता है कि महर्षि गौतम अपने परिवार के साथ यहाँ निवास करते है | यहाँ के गौतम कुण्ड में लोग स्नान करते है | अब इसे एक पर्यटक स्थल के रूप में विकसित किया गया है |
गुक्चुपानी – पिकनिक के लिए यह एक आदर्श स्थान है | यहा प्रकृति का अद्भुद करिश्मा देखा जा सकता है जब सामने बहता झरना अचानक एक स्थान से गायब हो जाता है और फिर कुछ दूरी के बाद दिखाई भी देने लगता है | शहर के बस स्टैंड से यह 8 किमी की दूर पर है | अनार वाला गाँव तक स्थानीय यातायात उपलब्ध है | उससे आगे एक किमी पैदल सफर तय करना पड़ता है |
वन अनुसन्धान केंद्र – क्लॉक टावर से 7 किमी की दूरी पर यह संस्थान स्थित है | वन विभाग के अधिकतर अधिकारियों ने इसी संस्थान से प्रशिक्षण प्राप्त किया है | इसकी इमारते अत्यंत भव्य है | यहाँ के वनस्पति संग्रहालय भी है |
तपोवन – कहा जाता है कि द्रोणाचार्य ने यहाँ तपस्या की थी | इसके आसपास की दृश्यावली अत्यंत ही लुभावनी है इसलिए यहा पर्यटक सैर करने के उद्देश्य से आते है |
टपकेश्वर महादेव मन्दिर – नगर से लगभग 5.5 किमी दूरी पर गढ़ी कैंट में पर्वत के अंदर गुफा में एक शिवलिंग है | महादेव की मूर्ति होने के कारण इस मन्दिर को टपकेश्वर महादेव मन्दिर के नाम से जाना जाता है |

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