
मित्रो कल शिक्षक दिवस है इसलिए अक्सर बच्चे ये सोचते रहते है कि अपने अध्यापक के लिए कविता कैसे तैयार करू तो आप इन कविताओं में से एक अपने अध्यापक को समर्पित कर शिक्षक दिवस को यादगार बना सकते है |
गुरु का आशीर्वाद
हाथ पकड़ कर जिसने
मुझे पढना-लिखना सिखाया
भाषा-अक्षर का बोध
जिसने मुझे कराया
दुनिया के साथ कदम मिलाकर
जिसने चलना सिखाया
जिसने की मेरी जिन्दगी शुरू
वे है मेरे आदरणीय गुरु
खेल-खेल में हमे पढाते
अच्छी अच्छी बाते बताते
मेरे हर सवाल का
तुरंत जवाब बताते
मेरी हर उलझन को
वे तुरंत सुलझाते
जब करता हु कोई गलती
तो मुझे प्यार से समझाते
कभी-कभी तो वे
मुझे डांट भी लगाते
हो जाता हु निराश
तब एक दोस्त बन क्र
मेरा हौंसला बढाते
दुनिया में आगे बढाने को
हमेशा कुछ नया सिखाते
प्रेरक कथाये सूना कर
मेरा आत्मबल बढाते
आज मै जो कुछ हु
बस उनका है हाथ
इसी तरह बना रहे मुझ पर
मेरे गुरु का आशीर्वाद
गुरु है पावन
गुरुदेव के श्री चरणों में
श्रुद्धा सुमन संग वन्दन
जिनके कृपा नीर से
जीवन हुआ चन्दन
धरती कहती अम्बर कहते
कहती यही तराना
गुरु आप ही पावन नूर है
जिनसे रोशन हुआ जमाना
शिक्षा देनेवाली
हमको शिक्षा देने वाली
कितनी है भोली-भाली
प्रतियोगिता में बजाती ताली
सबको पढाती है अच्छा
स्वयं वह बनकर बच्चा
पाल-पोस कर मुझको पाली
माँ हमारी पहली शिक्षा देने वाली
चाहे माँ हो या शिक्षक जी
दिल के दोनों प्यारे जी
मेहनत में तो है आगे
पढाने से नही भागे
उनकी शिक्षा के काम बड़े
आगे जाकर नाम करे
आपकी बाते याद रखेंगे हम
चाहे कितना भी हो गम
शिक्षक ये कहलाते है
रोज सुबह मिलते है इनसे
क्या हमको करना है
ये हमे बतलाते है
कभी डांट , तो कभी प्यार से
कितना कुछ समझाते है
है भविष्य देश का जिनमे
उन सबका भविष्य बनाते है
है रंग कई इस जीवन में
रंगो की इस दुनिया से पहचान ये करवाते है
खो न जाए भीड़ में कही हम
हमको हम से मिलवाते है
देते है ज्ञान जीवन का
शिक्षक कहलाते है
गुरु महान
कहते है माता-पिता से ऊँचा
गुरु का स्थान होता है
जिधर फैलती है रोशनी
उधर बच्चो का ध्यान होता है
इंसान को इंसान बनाने वाला भी
एक इंसान होता है
वही इंसान गुरु के रूप में
एक भगवान होता है
इस जहा की धरती पर
कोई हंसता कोई रोता है
हम बच्चो की टोली में
कोई खाता , कोई पाता है
कल क्या होगा , किसने जाना
ऐसा भी तो होता है
आज अभी हम कर दे अच्छा
वही चैन से सोता है
अभियान है यह आशा का
लगाना इसमें गोता है
हर दिल में सम्राट समीर
ऐसा भी बीज बोता है
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