
मुम्बई (Mumbai) भारत के चार प्रमुख नगरो में एक तो है ही , इसकी गणना विश्व के पांच प्रमुख नगरो में की जाती है | मुम्बई (Mumbai) शहर सात छोटे छोटे टापुओ माहिम , कोलाबा , छोटा कोलाबा , म्न्झ्गांव , वर्ली , परेल और माटुंगा पर बसा हुआ है | ये सातो टापू मिलकर अब एक हो गये है | प्राकृतिक परिवर्तन के कारण चारो ओर का पानी सूखने लगा और सातो टापू मिलकर एक विशाल महानगर के रूप में परिवर्तित हो गये | प्राचीन काल में यहाँ कोली मछुआरे रहते थे | उनकी आराध्य देवी मुम्बा देवी के नाम पर इस शहर का नाम “मुम्बई” पड़ा |
मुम्बई (Mumbai) की खोज इटली के भूगोलवेत्ता पिंटोलगी ने की | सन 1348 तक इस पर अनेक हिन्दू राजाओं ने शासन किया | 1648 में इस पर पुर्तगालियो का शासन किया | इसके बाद यह ईस्ट इंडिया कम्पनी के अधिकार मर आ गया | मुम्बई भारत का प्रमुख औद्योगिक शहर है | यहाँ रसायन , टायर , पेट्रोकेमिकल , फार्मास्यूटिकल , प्लास्टिक , रबर , साईकिल , ऑटोमोबाइल , इंजीनियरिंग के अलावा छोटे छोटे कल पुर्जो के अनेक कारखाने है | वस्त्र उद्योग का तो यह प्रमुख केंद्र है |
अंतर्राष्ट्रीय व्यापार की दृष्टि से इस शहर का अपना विशेष स्थान है | यहाँ का अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा और बन्दरगाह काफी विशाल और बहुत ही सुंदर है | मुम्बई में हॉलीवुड , न्युयोर्क और शिकागो – तीनो शहरों के भ्रमण अक आनन्द लिया जा सकता है | यहाँ पंजाबी , पारसी , मुसलमान , गुजराती , मराठी , इसाई आदि सभी धर्मो और मतो के लोग रहते है | अत: भारत के विभिन्न क्षेत्रो की संस्कृतियों के मेल से इस महानगरी की संस्कृति का निर्माण हुआ है |
यहाँ भारतीय फिल्म उद्योग सबसे बड़ा है | एक अलग दुनिया है फ़िल्मी दुनिया इसलिए इसे भारत का हॉलीवुड कहा जाता है | प्रतिवर्ष 200 से अधिक फिल्मे बनती है | मुम्बई अति व्यस्त शहर है | यहाँ के लोग भाग-दौड़ की जिन्दगी जीते है | यहाँ अनेक होटल और डिस्को क्लब है जहां खाना पीना और नृत्य संगीत चलता रहता है | डिस्को क्लबो में अधिकतर 9 बजे रात के बाद जीवन जीवंत हो उठता है | मुम्बई शहर रात की बांहों में अधिक सुंदर और आकर्षक प्रतीत होता है | यहाँ के जन जीवन को फ़ास्ट लाइफ कहना अनुचित नही होगा |
मुंबई (Mumbai) के मुख्य दर्शनीय स्थल
गेटवे ऑफ़ इंडिया – मुम्बई (Mumbai)में भारत के प्रथम प्रवेश द्वार कहलाने वाला गेटवे ऑफ़ इंडिया बहुत ही सुंदर है जिसके पास ही सुप्रसिद्ध ताजमहल होटल है | सन 1911 में इंग्लैंड के सम्राट जोर्ज पंचम एवं महारानी विक्टोरिया के भारत आगमन की स्मृति में गेटवे ऑफ़ इंडिया का निर्माण किया गया | इस मजबूत स्तम्भ में आठ खुले दरवाजे है इसके सामने अब छत्रपति शिवाजी की और इसके परिसर में स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा है | यहाँ मोटर लोंच द्वारा लोग समुद्र की सैर करते है | समुद्री मार्ग से मुम्बई आने वालो का यह पहला स्मारक माना जाता है |
प्रिंस ऑफ़ वेल्स म्यूजियम – Gateway of India से थोड़ी दूर पर Prince of Wales Museum है | इसमें तीन खंड – कला खंड , शिल्पकला खंड , प्राकृतिक इतिहास खंड है | यहाँ अजन्ता ,एलोरा तथा अन्य एतेहासिक स्थानों की कलाकृतिया संग्रहित है | यहाँ संग्रहालय अरबी और अरबी शैली का नमूना है | प्रिंस ऑफ़ वेल्स ने सन 1905 में इस संग्रहालय भवन का शिलान्यास किया था | यह सोलहवी शताब्दी की कलाकृति का नमूना है |
चौपाटी – एक रेतीला समुद्री किनारा जो चर्नी रोड स्टेशन के सामने स्थित है | यह स्थल लोकमान्य तिलक के नाम से जुड़ा हुआ है | कहा जाता है कि इनका अंतिम संस्कार इसी चौपाटी पर हुआ था | यहाँ लोग घुमने-फिरने एवं आनन्द लेने के लिए प्राय: आया करते है | यहाँ का चौपाटी समुद्र तट देशी विदेशी पर्यटकों के बीच हमेशा जीवंत रहता है | समुद्र की उठती गिरती लहरों को देखने रहने में बड़ा आनन्द आता है | यहाँ नारियल दिवस और गणेश चतुर्थी विसर्जन उत्साहपूर्वक मनाया जाता है | इस उत्सव को देखने के लिए यहाँ दूर दूर से लोग इकट्ठा होते है | समुद्र किनारे लोकमान्य तिलक और विट्ठल भाई पटेल के भव्य प्रतिमाये है | यहाँ अक्सर फिल्मो की शूटिंग होती रहती है | इस बीच ऊँट की सवारी और घोड़ागाड़ी का आनन्द लिया जा सकता है | यहाँ भेलपुरी , पाँव-भाजी अदि खाने पीने की बहुत सी चीजे बिकती रहती है |
एलीफेंटा गुफाये – गेटवे ऑफ़ इंडिया से 11 किमी दूर एक टापू पर विश्वप्रसिद्ध एलीफेंटा की गुफाओं का निर्माण छठी शताब्दी में एक हिन्दू राजा ने करवाया था | गेटवे ऑफ़ इंडिया से टापू तक जाने के लिए महाराष्ट्र सरकार के पर्यटन विभाग द्वारा मोटरबोट की व्वयस्था की गयी है | गुफाओं तक पहुचने के लिए सीढ़िया चढकर जाना होता है | यही से मोटर लांच द्वारा एलीफेंटा की गुफाओं में पहुचा जा सकता है | वहा भगवान शिव-पार्वती की विभिन्न मुद्राओ की सातवी शताब्दी में पहाडियों के पत्थरों को काटकर मुर्तिया बनाई गयी है | इन गुफाओं में ब्रह्मा , विष्णु और महेश की विशाल मुर्तिया है | सदियों पूर्व पुर्तगालियो को यहाँ पत्थर निर्मित हाथी की विशाल मूर्ति मिली थी इसलिए इसका नाम एलीफेंटा की गुफाये पड़ गया |
रानीबाग – रानीबाग मुम्बई (Mumbai) का सबसे प्राचीन और सबसे बड़ा बाग़ है | इस बाग़ में अनेक प्रकार के पशु है | इसे “वीरमाता जीजाबाई भोंसले उद्यान” भी कहा जाता है | बुधवार को छोडकर यह बाग़ सुबह 9 बजे से शाम 5:30 तक खुला रहता है और सोमवार को बंद रहता है | प्राकृतिक सौन्दर्य की दृष्टि से बांद्रा अत्यंत मनोरम है | सूर्यास्त का दृश्य यहाँ से बड़ा लुभावना लगता है | बांद्रा लिंकिंग रोड के बाजार में पोशाक से लेकर फैशन की सभी आधुनिक वस्तुए मिलती है | नवयुवतियो के लिए खरीददारी का यह प्रमुख केंद्र है | यहा पाली हिल में दिलीप कुमार , माला सिन्हा , सुनील दत्त आदि फ़िल्मी सितारों का आवास और महबूब स्टूडियो है | यहाँ का लैंड्स एंड प्राकृतिक दृश्यों के लिए दर्शनीय स्थान है |
प्रमुख मन्दिर एवं दरगाहे– मुम्बई (Mumbai) में कई मन्दिर और दरगाह है | उनमे दादर स्थित शिवाजी पार्क मैदान के बीच शिवाजी मन्दिर , जुहू के बीच इस्कॉन द्वारा निर्मित हरे राम हरे कृष्ण मन्दिर , समुद्र तट पर स्थित महालक्ष्मी मन्दिर , मलाबार हिल में बालकेश्वर मन्दिर तथा जैनियों के प्रथम तीर्थंकर आदिनाथ को समर्पित जैन मन्दिर विशेष रूप से दर्शनीय है | इसकी दीवारों पर 24 तीर्थंकरो के जीवन की घटनाए चित्रित है | प्रथम तल पर काले संगमरमर से बनी पार्श्वनाथ की प्रतिमा और छत पर हिन्दू धर्मशास्त्रों में वर्णित ग्रहों का चित्रण है | हाजी अली हज करने मक्का गये एक मुस्लिम संत की स्मृति में निर्मित मस्जिद और दरगाह मुस्लमानो का पवित्र स्थान है | कहा जाता है कि इस संत का शव जिस ताबूत में रखा था वह पानी में तैरने के बाद एक पथरीले स्थान पर ठहर गया था |
तारापोखाला मछलीघर – यह चर्नी रोड स्टेशन के समीप अपने तरीके का अकेला मछलीघर है | इस भवन में विश्वभर की अनेक प्रकार की मछलिया एवं समुद्री जीवो का संग्रह है | यह सोमवार को बंद रहता है | इसका समय सुबह 11 बजे से 8 बजे तक है |
कन्हेरी गुफाये – नेशनल पार्क से करीब 4 किमी की दूरी पर कन्हेरी गुफाये स्थित है | इन गुफाओं का निर्माण दुसरी शताब्दी के मध्य बौद्ध भिक्षुओ द्वारा किया गे | यहाँ पर कुल 109 गुफाये है |
रानी बाग़ (चिड़ियाघर) – इसे वीरमाता जीजाबाई भौसले उद्यान के नाम से भी जाना जाता है | सन 1843 में स्थापित यह बगीचा सबसे बड़ा तथा सबसे प्राचीन है | यह सोमवार को बंद रहता है |सुबह 9 से शाम 5:30 बजे तक इसे देखने के लिए हाथी की सवारी की भी सुविधा है |
बांद्रा – माउंट मेरी चर्च के अतिरिक्त यह लवर्स पॉइंट नामक स्थान एवं प्राकृतिक दृश्यों के लिए आदर्श स्थान है | बांद्रा का लिंकिंग रोड खरीददारों को विदेश की याद दिला देता है | लिंकिन रोड के बाजार में आधुनिक फैशनवेळ वस्तुओ की अधिक खरीददारी होती है |
फंतासी लैंड नामक पार्क – यह पार्क मनोरंजन की दृष्टि से उत्तम है एवं जोगेश्वरी पूर्व में है | यह पार्क सभी के मनोरंजन को मध्य नजर रखते हुए बनाया गया है | यहाँ पर बच्चो से लेकर युवाओं एवं वृद्धो तक मनोरंजन के साधन उपलब्ध है | यह पार्क सुबह 11 बजे से रात 9:30 बजे तक खुला रहता है | इस समय के दौरान पार्क में घूम-फिरकर मनोरंजन किया जा सकता है | इस पार्क के नजदीक स्टेशन जोगेश्वरी तथा गोरगाँव है | जाने के साधनों में केवल ऑटोरिक्शा उपलब्ध है |
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