
आगरा (Agra) पत्थरों से लिखी मुहब्बत की बेमिसाल इबारत एवं अपनी एतेहासिक पहचान तथा प्राकृतिक रमणीयता के लिए विश्वविख्यात है | यहाँ मध्यकालीन भव्य इमारते देशी-विदेशी पर्यटकों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र है | खासतौर से आगरा (Agra) ताजमहल के लिए मशहूर है यहाँ पर इसके अलावा कई महत्वपूर्ण दर्शनीय इमारते है जिनकी स्थापत्य कला को देखकर पर्यटक मुग्ध रह जाते है | आगरा (Agra) के आसपास मथुरा , फतेहपुर सीकरी जैसे पर्यटन स्थल यहाँ के आकर्षण में चार चाँद लगाते है | वही यहाँ का अव्यवस्थित रूप , गन्दगी तथा ठगी का माहौल भी है |
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अपनी एतेहासिक विरासत के अलावा दिल्ली के नजदीक होने के कारण भी आगरा (Agra) को एक उच्चस्तरीय पर्यटन स्थल होने में काफी मदद मिलती है | यहाँ प्रतिवर्ष लाखो की संख्या में देशी-विदेशी पर्यटक आते है जिनमे स्थानीय निकायों , राज्य तथा केन्द्रीय सरकार को प्रतिवर्ष काफी मात्रा में आय होती है | इस आय में एक बहुत बड़ा अंश विदेशी मुद्रा का भी होता है | किन्तु इन सबके बावजूद आगरा में पर्यटन सेवाए नगण्य है | पयर्टन की आधारभूत सुविधाओं का भी विकास नही किया जाता है |
आगरा (Agra) घुमने के लिए सितम्बर से अप्रैल तक का समय सर्वाधिक उपयुक्त है | जहां तक सम्भव हो मई-जून में घुमने का कार्यक्रम न बनाये क्योंकि भरी गर्मी लू तथा धुप के कारण पत्थर से बनी एतेहासिक इमारते आग उगलती है |
आगरा (Agra) के प्रमुख दर्शनीय स्थल
ताजमहल (TajMahal)– प्रेम की प्रतीक इस अनूठी इमारत को देखते ही “वाह ताज ,क्या खूबसूरती है ” जैसे शब्द अनायास ही मुंह से निकल पड़ते है | वाकई सुंदर और अनूठे ताजमहल के कारण ही आगरा का नाम विश्व के पर्यटन स्थलों में शुमार है | यह अद्भुद इमारत मुगल बादशाह शाहजहाँ ने अपनी प्रिय बेगम मुमताज के प्रेम की यादगार को जिन्दा रखने के लिए बनवाई थी | दुधिया ,सफेद संगमरमर पत्थर से बना ताजमहल दोहरे चबूतरे पर स्थित है | चांदनी रात में इसकी खूबसूरती देखते ही बनती है |
जब पूरा ताज दुधिया रोशनी से नहाया लगता है | यही कारण है कि शरद पूर्णिमा की रात को ताजमहल देखना महत्वपूर्ण माना जाता है | इसका निर्माण 1631 में प्रारम्भ हुआ था तथा बनाने में 22 वर्ष का समय लगा | पिछले कुछ समय से ताजमहल के सौन्दर्य पर प्रदूषण का असर पड़ने लगा है | इसकी खूबसूरती पर असर न पड़े ,इसके भी प्रयास किये जा रहे है | ताजमहल लाल पत्थर से बने विशाल परकोटे से घिरा हुआ है | इसके तीनो ओर दरवाजे है | उत्तर की ओर यमुना नदी बहती है इसलिए कोई दरवाजा नही बनाया गया है | दक्षिणी दरवाजा सबसे बड़ा तथा मुख्य प्रवेश द्वार है | ताजमहल के चारो कोनो पर 4 विशाल मीनारे है | मीनारों के बीच में 17वी सदी में दफनाये गये शाहजहाँ और मुमताज का मकबरा है |
आगरा का किला (Agra Fort) -1536 में सम्राट अकबर द्वारा बनवाया गया यह किला मुगल कालीन स्थापत्य कला का एक उत्क्रुष्ण उदाहरण है | लाल पत्थरों से बने किले में अमर सिंह दरवाजा , दिल्ली दरवाजा , दरियाई दरवाजा तथा दर्शनी दरवाजा नामक 4 दरवाजे थे पर अब सैलानियों के लिए अमर सिंह दरवाजा ही खुला है | किले के दीवाने आम ,दीवाने खास , नगीना मस्जिद , जहांगीर महल , मोली मस्जिद , हरम अंगूठी बाग़ तथा जैस्मीन टावर आदि दर्शनीय है |
रामबाग (Rambagh)– यह बाग़ अपनी हरियाली और सुन्दरता से पर्यटकों को आकर्षित करता है | बाबर द्वारा निर्मित इस बाग़ के बारे में कहा जाता है कि यह पहला भारत का मुगल उद्यान था| बादशाह द्वारा आराम के लिए इस स्थल को विकसित किया गया | आराम बाग़ के बाद से इसका नाम केवल रामबाग़ पड़ गया | बाग़ के सौन्दर्य को नजदीक बहती जमुना नदी और भी मनमोहक बना देती है | बाग़ के बीचो-बीच संगमरमर का बना हौज आकर्षक है |
एतमाद्दौला का मकबरा – यह भी आगरा की प्रमुख दर्शनीय इमारत है | इस नूरजहाँ ने अपने पिता मिर्जा गयासुद्दीन बेग की याद में 1622 से 1628 के बीच बनवाया था | फारसी स्थापत्य कला की यह एक अनूठी इमारत है | यह आयताकार बगीचे से घिरी है | इसमें बनी जालिया तथा विभिन्न वनस्पतियों के रंगो से बनी चित्रकारी खासतौर से देखने लायक है | इससे जहांगीर और नूरजहाँ का चित्रकला प्रेम बखूबी उजागर होता है |
चीनी का रोजा – यह मकबरा जहांगीर ने 1618 में अपने प्रधानमंत्री एवं प्रमुख कवि शकुरुल्ला खा की याद में बनवाया था | इसमें चीनी मिटटी के टाइल्स का अधिक उपयोग होने से इसका नाम चीनी का रोजा पड़ गया | विभिन्न रंगो के उजाड़ू टाइल्स बेहद खुबसुरत लगते है | इस आयताकार इमारत के बीच में विशाल गोल गुम्बद है |
स्वामी बाग़ – 8 किमी दूर राधास्वामी सम्प्रदाय के प्रवर्तक का भव्य सफेद रंग का स्मारक है | यहाँ बेल-बुटो की नक्काशी और पच्चीकारी दर्शनीय है |
अकबरी चर्च -आगरा में उत्तर भारत का प्राचीनतम गिरिजाघर भी है | इसका निर्माण बादशाह अकबर द्वारा सन 1602 में कराया गया था | इस गिरिजाघर के निकट ही शहर का आधुनिक बाजार संजय पैलेस भी है |
सिकन्दरा – यह अकबर का मकबरा है जिसका निर्माण उसने अपने जीवनकाल में ही करवाना आरम्भ कर दिया था और वह जहाँगीर के शासनकाल में 1613 ई. में बनकर तैयार हुआ था | यह एशिया के कुछ श्रेष्ट वास्तुकला से सम्पन्न मकबरों में से एक है | इसका निर्माण चार मंजिल के रूप में हुआ है | संगमरमर की छतरीयो , हरेभरे बागो और दीवारों पर फूलो के मौजेक इस जगह को अद्भुत आकर्षण प्रदान करते है |
पंचमहल – मुगल वास्तुकला की विविधता और विशिष्टता का प्रतीक पंचमहल पांच मंजिली इमारत है जिसकी प्रत्येक मंजिल पर स्त्म्भी कक्ष बने हुए है | सुंदर नक्काशीदार 176 खम्भों पर टिकी यह इमारत हरम की बेगमो का मनोरंजन स्थल थी |
आगरा में खरीदने लायक वस्तुए
आगरा अपने जड़ाऊ काम , चमड़े की वस्तुओ ,चिकन की कढाई और सस्ते आभूषणों के निर्माण के लिए प्रसिद्ध है | यहाँ के संगमरमर और सॉफ्टस्टोन के बने ताजमहल के Model खरीदना न भूले | यहाँ की दरिया और कालीन तो पुरी तरह विश्व में विख्यात है | सदर बाजार , किनारी बाजार , मुनरो रोड और फतेहाबाद रोड खरीददारी के लिए उपयुक्त स्थल है |
आगरा (Agra) पहुचने के मार्ग
- वायु मार्ग – यहाँ के लिए वायु सेवाए भी उपलब्ध है | दिल्ली ख्जुराओ एवं वाराणसी से यहाँ के लिए सीधी विमान सेवाए है |
- रेल मार्ग – यहाँ के लिए अच्छी रेल सेवाए है | आगरा पूर्व , पश्चिम ,दक्षिण ब्रॉडगेज रेलवे रूट का एक बड़ा junction है जो देश के कई बड़े शहरों से रेल मार्ग द्वारा जुड़ा हुआ है |
- सड़क मार्ग – आगरा राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 2, 3 तथा 11 से देश के विभिन्न भागो से सड़क मार्ग द्वारा जुड़ा हुआ है | दिल्ली , जयपुर , चंडीगढ़ , शिमला , ग्वालियर , हरिद्वार आदि शहरों से आगरा के लिए सीधी बस सेवाए है | यहाँ घुमने के लिए Conducted Tour की भी अच्छी व्यवस्था है |
आगरा जाने का उपयुक्त समय
बरसात के मौसम को छोडकर यहाँ का भ्रमण कभी भी किया जा सकता है | वैसे आगरा की सैर के लिए सितम्बर से मार्च तक का समय सबसे उपयुक्त माना जाता है |
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