
रोमांचक यात्रा करने के शौकीनों की खास पसंद होती है सर्दियों में किसी हिल स्टेशन पर जाना या बर्फ पर रोमांचक खेलो का लुत्फ़ उठाना | जिस प्रकार ऐसे पर्यटकों के बीच सर्दियों में शिमला और कुल्लू-मनाली प्रसिद्ध है उसी प्रकार बर्फ पर रोमांचक खेल का लुत्फ़ उठाने वालो में शिमला के पास नारकंडा और कुफरी (Kufri) लोकप्रिय है | कुछ वर्ष पूर्व तक कुफरी में भी खूब बर्फ पडती थी और यहाँ दूर दूर से स्किंग के शौक़ीन आते थे लेकिन पिछले कुछ वर्षो से कुफरी (Kufri) एक छोटे से लेकिन शांत खुबुसुरत हिल स्टेशन के रूप में पर्यटकों को आकर्षित कर रहा है |
यूँ तो सितम्बर से ही यहाँ का सीजन शुरू हो जाता है लेकिन खासकर जनवरी और फरवरी में यहाँ का नजारा अलग ही होता है | इस समय यह जगह बर्फ की चादर से ढक जाती है | बर्फ इस पुरी वादी की खूबसूरती में चार चाँद लगा देती है | शिमला-थियोग मार्ग पर शिमला से सिर्फ 16 किमी दूर स्थित कुफरी दिल्ली से लगभग 360 किमी दूर है | यूँ तो पूरा क्षेत्र हरियाली से भरा रहने वाला है लेकिन खासकर सर्दी में पर्यटकों को अधिक आकर्षित करता है | अगर आप स्कीइंग के शौक़ीन है तो कुफरी (Kufri) में बर्फ न पड़े तो पास ही स्तिथ नरकंडा में स्कीकंग का लुत्फ़ उठा सकते है जो कुफरी से सिर्फ 48 किमी है |
1864 में अंग्रेजो में जब शिमला को अपनी समर कैपिटल बनाया तो शिमला के आस-पास की कुछ ओर जगहे अपनी अपनी विशेषताओ के साथ सामने आयी | इनमे से कुफरी , नारकंडा आदि प्रमुख थे जो खासकर सर्दियों में बर्फ से ढक जाते है | इन स्थानों की सबसे बड़ी विशेषता यही थी कि बाद में ये विंटर स्पोर्ट्स के लिए प्रसिद्ध हो गये | आज भले ही कुफरी में पर्याप्त बर्फ न पड़ने पर विंटर स्पोर्ट्स का मजा उठाना कठिन हो लेकिन नारकंडा में हर वर्ष जनवरी-फरवरी में स्कीकंग होता है |
कुफरी (Kufri) में आज भी जनवरी में यहाँ नेशनल स्नो स्टेचू कम्पीटीशन का आयोजन होता है | खासकर जनवरी-फरवरी में बर्फ से ढकी कुफरी (Kufri )की घाटियों में अगर आप कुछ ओर देखना चाहे तो यहाँ की गहरी खाई और जंगल की खूबसूरती को भी देख सकते है जो आपका मन मोहे बगैर नही रहेगी | खासकर इस बीच थोड़ी धुप निकल जाए तो इन वादियों का नजारा मन्त्रमुग्ध कर देने वाला हो जाता है | ऐसे मौसम आप यहाँ शिमला और चैल की वादियों की खूबसूरती का भी लुत्फ़ उठा पायेंगे |
बीच में थोडा मुड बदलने की जरूरत महसूस करे तो छोटे से चिड़ियाघर में भी घूम सकते है जहा खासकर हिमाचल प्रदेश में पाए जाने वाले जानवरों और पक्षियों को रखा गया है | यहाँ पास में इंदिरा टूरिस्ट पार्क है जहां से कुफरी के आसपास का नजारा बड़ा ही मनमोहक होता है | महासू पिक को देखना भी एक अलग अनुभव होता है और अगर आप घुड़सवारी के शौक़ीन है तो आपके लिए कुफरी बेहद आनन्ददायक हिल स्टेशन साबित होगा |
शिमला और नारकंडा के बीच में स्थित है थियोग और शिमला ठियोग के बीचोबीच कुफरी | थियोग से नारकंडा की दूरी 32 किमी है और कुफरी से 48 किमी | अगर आप कुफरी को एन्जॉय करने की योजना बनायेंगे तो यहाँ से 6 किमी दूर स्तिथ फागु में हिमाचल टूरिज्म का होटल है | अगर स्कीइंग के लिए नारकंडा में ठहरने की जरूरत पड़े तो वहां भी ठहरने के लिए हिमाचल टूरिज्म की ओर से अच्छी व्यवस्था है | वैसे तो इन होटलों की बुकिंग दिल्ली समेत हिमाचल टूरिज्म के बुकिंग सेंटर्स पर ही होती है लेकिन जगह हो तो स्थानीय प्रबन्धक द्वारा भी कमरा मिल जाता है |
Pythagoras Biography in Hindi पाईथागोरस (Pythagoras) को महान दार्शनिक और गणितज्ञ माना गया है | इनका जन्म ईसा से भी 500 वर्ष पूर्व यूनान के सामोस नामक टापू में हुआ था | यह मनुष्य जाति का दुर्भाग्य ही कहा जाएगा कि प्राचीनकाल में लोग अपने विषय में किसी प्रकार की कोई सुचना लिखित रूप में प्रस्तुत करके नही रखा करते थे अत: उनके विषय में विस्तार से कुछ मिल पाना बड़ा असम्भव सा होता था | यही स्थिति पाईथागोरस की भी है | उस समय लिखने और संचार के साधनों का उतना विकास भी नही हुआ था और न ही शायद छपाई आदि की कोई व्यवस्था उस समय रही थी | पाईथागोरस (Pythagoras) के समय में तो कदाचित भोज-पत्र पर भी लिखने की प्रक्रिया चल पड़ी थी अथवा नही , कहना कठिन है | बाद के लेखको को पूर्ववर्ती पीढियों द्वारा कहा सूनी के आधार पर जो कुछ सूचनाये प्राप्त हो जाया करती थी उनके आधार पर ही उन महान पुरुषो के बारे में कुछ जानकारी मिलने लगी है | पाईथागोरस उस समय उत्पन्न हुए थे जब गणित अपनी आरम्भिक अवस्था में ही था किन्तु अपनी विद्वता के कारण इस महान दार्शनिक ने एक ऐसी प्रमेय का सूत्रपात किया जो विश्वभर में प्राथमिक कक्षाओ में ही व...
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