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Statue of Liberty Facts in Hindi | स्टेचू ऑफ़ लिबर्टी से जुड़े दिलचस्प तथ्य

Statue of Liberty Facts in Hindi
Statue of Liberty Facts in Hindi

अमेरिकी शहर न्युयोर्क के निकट “लिबर्टी आइलैंड” पर स्थित है Statue of Liberty | इस टापू का पुराना नाम बेडलॉज टापू था | इस प्रतिमा के एक हाथ में मशाल और दुसरे हाथ में एक पुस्तक है | अमेरिका की पहचान मानी जाने वाली वाली Statue of Liberty वास्तव में अमेरिका को फ्रांस की ओर से तोहफे में मिली थी |
04 जुलाई 1776 को अमेरिका को मिली स्वतंत्रता की स्मृति में फ़्रांसीसीयो द्वारा उपहार स्वरूप दिए गये Statute of Liberty का निर्माण फ्रांस तथा अमेरिका दोनों ने संयुक्त प्रयासों से किया गया था | दोनों देशो की सरकारों के बीच हुए एक समझौते के तहत अमेरिकी लोगो ने इस मूर्ति का आधार बनाया जबकि फ़्रांसीसीयो ने मूर्ति को आकार और स्वरूप दिया |
इसका पूरा नाम Liberty- Enlightening the World (स्वतंत्रता संसार को शिक्षाप्रद करती है) है | इस विशाल मूर्ति के स्टील के ढाँचे को दो मशहूर फ़्रांसिसी वास्तुकारों युजेन इमानुएल विओल ले दुक और अलेक्सेंडर गुस्तोव एफिल ने तैयार किया | एफिल वही डिज़ाइनर है जिन्होंने पेरिस के विश्व प्रसिद्ध एफिल टावर को भी डिजाईन किया था |
मई 1884 में फ्रांस में यह मूर्ति बनकर तैयार हुयी थी जबकि जून 1885 में इसे करीब 200 टुकडो में अमेरिका लाया गया | ताम्बे की यह शानदार प्रतिमा 17 जून 1855 को न्युयोर्क बन्दरगाह पहुची थी | न्युयोर्क हार्बर में इन्हें जोडकर पुरी मूर्ति खडी की गयी और 28 अक्टूबर 1886 में इसे अमेरिका को समर्पित किया गया | फ्रांस के लोगो की ओर से मिले इस तोहफे को अमेरिका के तत्कालीन राष्ट्रपति ग्रोवर क्लीवलैंड ने अपनी जनता की ओर से स्वीकार किया |

Statue of Liberty से जुड़े दिलचस्प तथ्य

  •  Statue of Liberty की प्रतिमा के बांये हाथ में जो पुस्तक है उस पुस्तक पर रोमन भाषा में 04 जुलाई 1776 की तारीख रोमन लिपि में लिखी हुयी है जिस दिन अमेरिका आजाद हुआ हटा |
  • इस प्रतिमा पर ताम्बे की परत चढी हुयी है और इसके हल्के हरे रंग की वजह भी ताम्बा ही है | निर्माण के वक्त इसका रंग नये ताम्बे जैसा भूरा था परन्तु वक्त के साथ नमी के साथ ताम्बे के रिएक्शन से इसका रंग हल्का हरा हो गया |
  • मूर्ति की उंचाई 151 फुट है | हालांकि आधार सहित इसकी सम्पूर्ण लम्बाई 305 फुट है | इसकी उंचाई लगभग 22 मंजिला इमारत के बराबर है |
  • प्रतिमा का कुल वजन 225 टन अथवा 2 लाख 25 हजार किलो है |
  • इसमें कुल 359 घुमावदार सीढिया है और इसके ताज में 25 खिडकिया है |
  • यह प्रतिमा रोमन देवी लिबेर्तास से प्रेरणा लेकर बनाई गयी है क्योंकि उसे स्वतंत्रता की देवी माना जाता है | मूर्तिकार ने इसे अपनी माँ के चेहरे के आधार पर बनाया था |
  • इसे बनने में लगभग 9 साल से कुछ ज्यादा का समय लगा था इसके कुछ भाग फ़्रांस में बने थे जिसमे इसका सिर भी शामिल है |
  • प्रतिमा के ताज से जो सात नुकीली कीले निकली हुयी है वे संसार के सातों महाद्वीपों को दर्शाती है | एक कील की लम्बाई 9 फुट और वजन 68 किलो है |
  • Statue of Liberty की मशाल 1876 में सबसे पहले बनकर तैयार हुयी थी परन्तु 1916 में पहले विश्व युद्ध के समय जर्मन सैनिको द्वारा की गयी बमबारी में यह क्षतिग्रस्त हो गयी थी | इसे दुबारा ठीक करने में 1 लाख डॉलर का खर्च आया था | उसके बाद मशाल की सीढियों को बंद कर दिया गया | Statute of Liberty की पुरानी मशाल को 1984 में ताम्बे की एक मशाल के साथ बदल दिया गे था जिस पर 24 किलो सोने की परत चढी है |
  • मूर्ति की उंचाई के कारण साल में लगभग 300 बार आसमानी बिजली भी इससे टकराती है | अगर इस बिजली को इकट्ठा दिया जाए तो यह 600 वोल्टस बनती है |
  • साल 1929 और 1932 में दो लोग इससे कूदकर आत्महत्या कर चुके है | कुछ ऐसे भी है जो कूदने के बाद बच गये |
  • हर साल 30 लाख से अधिक लोग इसे देखने पहुचते है |

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