
कल्पना चावला (Kalpana Chawla) का जन्म 1 जुलाई 1961 को हरियाणा के करनाल नामक स्थान पर हुआ था | उनके पिता का नाम बनारसीलाल चावला और माता का नाम स्न्ज्योती चावला था | उन्होंने करनाल के टैगोर पब्लिक स्कूल से शिक्षा प्राप्त की | उनके मन में शुरू से अन्तरिक्ष उड़ान भरने की इच्छा थी तथा वे आने वाले समय में अपने स्वप्न को साकार करने के लिए दृढ़ संकल्प थी इसलिए उन्होंने पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज चंडीगढ़ से 1982 में एरोनॉटिक्स इंजीनियरिंग की डिग्री प्राप्त की |
इसी वर्ष उन्होंने अमेरिका के अर्तिंगटन की टेक्सास यूनिवर्सिटी में दाखिला लिया तथा 1984 में एम.एस. डिग्री प्राप्त की | इस एरोस्पेस इंजीनियरिंग की परास्नातक डिग्री के बाद फिर कोलेरेडो से दुबारा एम.एस. 1986 में तथा पी.एच.डी की डिग्री अर्जित की | अपने सपने को पूरा करने की चाहत में उन्हें नासा तक पहुचाया तथा एमेस रिसर्च सेंटर में वे ओवरसेट पैथदस की उपाध्यक्ष के रूप में काम करने लगी तथा सी.एफ.डी की डिग्री प्राप्त की |
नासा में ही कल्पना चावला (Kalpana Chawla) के सपनों को आधार मिला | श्री हैरिसन से विवाह बंधन में बंधकर अमेरिकी नागरिक बनी कल्पना और फिर हवाई जहाज , ग्लाइडर्स तथा कमर्शियल विमान चालको को प्रशिक्षण देने का प्रमाणपत्र पाया | मार्च 1995 में नासा में वे अन्तरिक्षयात्री वापर्स की सदस्य बनी तथा 1996 में अपनी प्रथम अन्तरिक्ष उड़ान के लिए चुनी गयी | 19 नवम्बर 1997 को कल्पना ने 6 अन्य अंतरीक्षयात्रियों के साथ अपना प्रथम अन्तरिक्ष अभियान शुरू किया |
स्पेस शटल कोलम्बिया में ये सब 10.4 मिलियन मील चले तथा पृथ्वी की 252 बार परिक्रमा की | कल्पना तब 372 घंटे अंतरिक्ष में रही | इस अनुभव के बाद उन्हें एस्ट्रोनेट ऑफिस में तकनीक पद दिया गया | उनकी कार्यकुशलता के कारण उन्हें विशेष सम्मान मिला | अत्यंत कुशल अनुभवी तथा तकनीकी दृष्टि से सुसम्पन्न चावला 2000 में फिर दुसरी अन्तरिक्ष उडान के लिए चुनी गयी | पर यह उड़ान कुछ तकनीकी खराबी की वजह से स्थगित हो गयी |
अंतत: 16 जनवरी 2003 को कल्पना फिर कोलम्बिया पर सवार हुयी | यह STS-107 मिशन था | इसमें भी उनके साथ 6 सहकर्मी ओर थे | इस अन्तरिक्षयान में कल्पना चावला को माइक्रोग्रेविटी करने का दायित्व दिया गया | इस प्रयोग के अंतर्गत धरती ,अन्तरिक्षविज्ञान , एडवांस टेक्नोलॉजी , डेवलपमेंट तथा अन्तरिक्षयात्रियों के स्वास्थ्य तथा सुरक्षा शामिल थे | दुर्भाग्य से यह अन्तरिक्षयान 1 फरवरी 2003 को धरती के वायुमंडल में दुबारा प्रविष्ट होने के समय टेक्सास के उपर से उड़ते हुए दुर्घटनाग्रस्त हो गया और कल्पना समेत सभी अन्तरिक्षयात्री मारे गये |
Pythagoras Biography in Hindi पाईथागोरस (Pythagoras) को महान दार्शनिक और गणितज्ञ माना गया है | इनका जन्म ईसा से भी 500 वर्ष पूर्व यूनान के सामोस नामक टापू में हुआ था | यह मनुष्य जाति का दुर्भाग्य ही कहा जाएगा कि प्राचीनकाल में लोग अपने विषय में किसी प्रकार की कोई सुचना लिखित रूप में प्रस्तुत करके नही रखा करते थे अत: उनके विषय में विस्तार से कुछ मिल पाना बड़ा असम्भव सा होता था | यही स्थिति पाईथागोरस की भी है | उस समय लिखने और संचार के साधनों का उतना विकास भी नही हुआ था और न ही शायद छपाई आदि की कोई व्यवस्था उस समय रही थी | पाईथागोरस (Pythagoras) के समय में तो कदाचित भोज-पत्र पर भी लिखने की प्रक्रिया चल पड़ी थी अथवा नही , कहना कठिन है | बाद के लेखको को पूर्ववर्ती पीढियों द्वारा कहा सूनी के आधार पर जो कुछ सूचनाये प्राप्त हो जाया करती थी उनके आधार पर ही उन महान पुरुषो के बारे में कुछ जानकारी मिलने लगी है | पाईथागोरस उस समय उत्पन्न हुए थे जब गणित अपनी आरम्भिक अवस्था में ही था किन्तु अपनी विद्वता के कारण इस महान दार्शनिक ने एक ऐसी प्रमेय का सूत्रपात किया जो विश्वभर में प्राथमिक कक्षाओ में ही व...
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