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जोधपुर के प्रमुख पर्यटन स्थल | Jodhpur Tour Guide in Hindi

जोधपुर के प्रमुख पर्यटन स्थल | Jodhpur Tour Guide in Hindi
जोधपुर के प्रमुख पर्यटन स्थल | Jodhpur Tour Guide in Hindi

राजस्थान के दुसरे शहरों के मुकाबले जोधपुर (Jodhpur) में सूर्य का प्रकाश देर तक रहता है इसलिए इसे सूर्य नगरी भी कहा जाता है | थार मरुस्थल के मुहाने पर स्थित जोधपुर को राव जोधा ने 1459 ई. में बसाया था | राजस्थान के अनेक एतेहासिक नगरो में जोधपुर (Jodhpur) शहर भी महत्वपूर्ण है | यहाँ आने वाले पयर्टको को आज भी वहां के इतिहास की झलक दिखाई देती है | यहाँ के किले पर्यटकों का विशेष ध्यान आकर्षित करते है | आइये आपको जोधपुर (Jodhpur) के प्रमुख पर्यटन स्थलों से रुबुरु करवाते है |

जोधपुर (Jodhpur) के मुख्य दर्शनीय स्थल

मेहरानगढ़ किला – यह किला जमीन से लगभग 120 मीटर ऊँची पहाडी , चिड़िया नाथ जी की टंकू पर स्थित है | इस किले का निर्माण सामरिक एवं सुरक्षा के लिए किया गया है | सन 1459 ई. में राव जोधा ने इस किले का निर्माण करवाया | आकर्षक एवं अत्यंत विशाल किले की लम्बाई लगभग 457 मीटर  तथा चौड़ाई 228 मीटर है | राव जोधा के बाद अनेक शासको के द्वारा इस किले के निर्माण कार्य करवाए गये तथा महल आदि बनवाये गये | यहाँ का संग्रहालय सन 1972 से संचलित है |
इस किले के अंदर बने संग्रहालय में मारवाड़ राजवंश के शौर्य , सांस्कृतिक एवं एतेहासिक महत्व की कलाकृतियो की एक अद्भुत झांकी प्रस्तूत की गयी है | इसके आलावा भी किले में बने महल , महलो की बारीक बारीक कारीगरी , विलक्षण नक्काशीयुक्त जाली , आंतरिक चित्रकारी , झरोखे यानि सारे किले की शिल्प एवं स्थापत्य कला बड़ी ही अनूठी एवं दर्शनीय है | इस किले को देखने के लिए आये सैलानियों को कुछ शुल्क भी देना पड़ता है परन्तु पर्यटकों को इसके दर्शन करके खुशी एवं प्रसन्नचित देखा जा सकता है |
उम्मेद उद्यान – इस उद्यान का निर्माण कोर्ट रोड पर महाराजा उम्मेद सिंह ने करवाया | इस उद्यान के अंदर म्यूजियम तथा जन्तुशाला दर्शनीय है | यह म्यूजियम सप्ताह में केवल एक बार अपना साप्ताहिक अवकाश रखता है | केवल शुक्रवार को छोडकर बाकी किसी भी दिन जाकर म्यूजियम को देखा जा सकता है |
कायलाना झील – जैसलमेर रोड पर पड़ने वाले इस झील की दूरी जोधपुर से लगभग 11 किमी है | सर प्रताप द्वारा बनवाई गयी इस झील के प्रति पर्यटकों का कुछ ख़ास ही आकर्षण रहता है | इसके पास ही बिजोलाई के खंडहर तथा उम्मेद सागर बाँध है | महाराजा उम्मेद सिंह ने इस बांध का निर्माण सन 1993 में करवाया | यहाँ का वातावरण एवं दृश्य काफी अच्छे है | यहाँ पर घूम-फिरकर पिकनिक मनाकर आनन्द लिया जा सकता है |
नेहरु पार्क – यह उद्यान शहर के मध्य में बना हुआ है | यह जोधपुर शहर (Jodhpur ) के व्यवस्थित उद्यानों में से के है | इसका निर्माण सन 1966 में हुआ था | इस पार्क एम् जहाजनुमा तालाब बना हुआ है जो दर्शको को अपनी ओर आकर्षित करने में सक्षम है | यहाँ की फुलवारी एवं प्रकृति अक अद्भुत सौन्दर्य देखते ही बनता है |
ओंसिया – यह नगर जैसलमेर रोड पर जोधपुर से करीब 65 किमी दूर स्तिथ है | इस नगर में अनेक कलाओं एवं संस्कृतियो का उत्तम संगम स्थल है | यहाँ एक तरफ शाक्य , शैव , जैन तथा वैष्णव सम्प्रदायों का सहिष्णु एकीकरण देखने को मिलता है वही दुसरी तरफ जैन , गुप्त और बौद्ध प्रतिहारो की समन्वित वास्तुकला एवं मूर्तिकला के सम्यक दर्शन भी होते है |
जसवंत थडा – मेहरानगढ़ दुर्ग के निकट स्थित देवकुंड के किनारे बनी संगमरमर की यह इमारत पूर्व जोधपुर के नरेश जसवंत सिंह की समाधि का स्थल है | यह इमारत राजा सरदार सिंह द्वारा सन 1906 में बनवाइ गयी हटी | इस भवन के अंदर जोधपुर के राठौड़ नरेशो की वंशावली का सुंदर तरीके से चित्रण किया गया है |
मंडोर उद्यान – यह आकर्षक और सुंदर उद्यान जोधपुर (Jodhpur) से लगभग 9 किमी की दूरी पर उत्तर दिशा में बना है | यह उद्यान प्राकृतिक सौन्दर्य एवं अद्भुत पाषाण कृतियों के कारण सुंदर एवं दर्शनीय बन गया है | पाषाण कृतियों में एक देवी-देवताओं की साल , अजित पोल , थ्म्भा महल एवं देवल आदि प्रमुख है | इसका निर्माण कार्य महाराजा अतिजसिंह एवं अभयसिंह के समय में हुआ | अभी कुछ ही समय में यहाँ Fun World की स्थापना की गयी है | फनवर्ल्ड के अंदर खुशी एवं आनन्द प्राप्त होता है | यह मौजमस्ती का अच्छा साधन है | मंडोर उद्यान के पास पंचकुंडा में बनी छतरियो की कढाईदार कारीगरी भी देखने लायक है | इन छतरियो का निर्माण मारवाड़ नरेशो की महारानियो की स्मृति में करवाया गया था अत: इन छतरियो को मारवाड़ नरेशो की महारानियो का प्रतीक माना जाता है |
रमणीय बालसमंद झील – बालक राव परिहार द्वारा बनवाई गयी यह झील जोधपुर (Jodhpur) से लगभग 7 किमी की दूरी पर मंडोर के रस्ते में आती है | यह झील इतनी आकर्षक एवं सुंदर है कि दूर दूर से पर्यटक इसे देखने के लिए स्वय चले आते है | इस झील के किनारे पर छतरिया , शानदार बगीचा तथा महल बना हुआ है | अभी कुछ समय पूर्व ही यहाँ सुंदर होटल की स्थापना भी की गयी है जिसका नाम “बालसमंद लेक पैलेस होटल” है | इसके अतिरिक्त यहाँ पर महलो का जीर्णोद्धार किया जा रहा है | कुछ समय से यहाँ पर घूमना प्रतिबंधित है |

जोधपुर (Jodhpur) पहुचने के विविध मार्ग

यह शहर वायु ,रेल और सडक तीनो मार्गो से पुरी तरह जुड़ा हुआ है | जोधपुर (Jodhpur) का हवाई अड्डा शहर से लगभग 5 किमी की दूरी पर स्थित है | यहाँ से अनके शहरों से वायमार्ग की उड़ाने उपलब्ध है जिनमे प्रमुख शहर दिल्ली-मुम्बई-जयपुर है | रेल यातायात में यह शहर के मुख्य शहरों से अच्छी तरह जुड़ा हुआ है | सड़क मार्ग में यहाँ राज्य परिवहन की बसे जोधपुर आती रहती है |

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