त्रिपुरा राज्य से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्य | Tripura Facts in Hindi
त्रिपुरा राज्य से जुड़े रोचक तथ्य | Tripura Facts in Hindi त्रिपुरा (Tripura) भारत का नार्थईस्ट प्रदेश है जो भारत का तीसरा सबसे छोटा राज्य है | त्रिपुरा बांग्लादेश एवं बर्मा की नदी के घाटियों के बीच स्थित है |इसके तीनो तरफ बांग्लादेश एवं उत्तर-पूर्व में यह असम एवं मिजोरम से जुड़ा हुआ है | त्रिपुरा पर कई शताब्दियों पहले त्रिपुरी वंश का राज था इसलिए इसे त्रिपुरा (Tripura) कहते है | आइये आपको त्रिपुरा (Tripura) से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्यों के बारे में विस्तार से बताते है |
त्रिपुरा एक नजर में | Tripura Facts in Hindi
देश
भारत
गठन
21 जनवरी 1972
राजधानी
अगरतला
सर्वाधिक जनसख्या वाला शहर
अगरतला
कुल जिले
आठ
कुल क्षेत्रफल
10,491.69 वर्ग किमी
क्षेत्रफल के लिहाज से स्थान
27th (2014)
कुल जनसंख्या
3,671,032
जनसख्या के लिहाज से स्थान
22nd (2014)
जनसंख्या घनत्व
350 व्यक्ति प्रति वर्ग किमी
साक्षरता दर
87.75 प्रतिशत (2011)
मुख्य भाषाए
बंगाली ,अंग्रेजी , कोकबोरोक
राज्य पशु
फ़रीज पर्णवानर
राज्य पक्षी
हरा शाही कबूतर
राज्य वृक्ष
अगर
राज्य पुष्प
नागेसर
राज्य दिवस
21 जनवरी
उच्च न्यायालय
गुवाहाटी
स्कूल
4455
महाविद्यालय
15
विश्वविद्यालय
3
सरकार
गर्वनर
कप्तान सिंह सोलंकी
मुख्यमंत्री
बिप्लव कुमार देब (भाजपा)
उपमुख्यमंत्री
जिष्णु देब बर्मन (भाजपा)
विधानसभा
एकसदनीय(60 seats)
संसदीय प्रतिनिधित्व
2 (लोकसभा), 1 (राज्यसभा)
त्रिपुरा का इतिहास
त्रिपुरा (Tripura) का पुराना इतिहास है | प्रदेश की अपनी अनोखी संस्कृति है | राज्य के इतिहास को त्रिपुरा नरेश के बारे में “राजमाला” गाथाओं एवं मुसलमान इतिहासकारों के वर्णनों में जाना जा सकता है | महाभारत एवं पुराणों में भी त्रिपुरा का उल्लेख मिलता है | त्रिपुरा नरेश की मदद 14वी शताब्दी में बंगाल के शासको द्वारा किये जाने का उल्लेख है | त्रिपुरा (Tripura) के शासको को मुगलों एवं बंगाल के शासको के आक्रमणों का सामना करना पड़ा | 19वी शताब्दी में महाराजा वीरचन्द्र किशोर माणिक्य बहादुर के शासनकाल ने त्रिपुरा के नये युग का सूत्रपात हुआ | इनके उत्तराधिकारीयो ने 15 अक्टूबर 1949 तक त्रिपुरा पर राज किया | देश की स्वतंत्रता के बाद 1949 में त्रिपुरा को एक राज्य बनाया गया | राज्य पुनर्गठन अधिनियम के तहत इसे संघशासित क्षेत्र घोषित किया गया | अंत में 21 जनवरी 1972 को इसे राज्य का दर्जा प्रदान किया गया |
Pythagoras Biography in Hindi पाईथागोरस (Pythagoras) को महान दार्शनिक और गणितज्ञ माना गया है | इनका जन्म ईसा से भी 500 वर्ष पूर्व यूनान के सामोस नामक टापू में हुआ था | यह मनुष्य जाति का दुर्भाग्य ही कहा जाएगा कि प्राचीनकाल में लोग अपने विषय में किसी प्रकार की कोई सुचना लिखित रूप में प्रस्तुत करके नही रखा करते थे अत: उनके विषय में विस्तार से कुछ मिल पाना बड़ा असम्भव सा होता था | यही स्थिति पाईथागोरस की भी है | उस समय लिखने और संचार के साधनों का उतना विकास भी नही हुआ था और न ही शायद छपाई आदि की कोई व्यवस्था उस समय रही थी | पाईथागोरस (Pythagoras) के समय में तो कदाचित भोज-पत्र पर भी लिखने की प्रक्रिया चल पड़ी थी अथवा नही , कहना कठिन है | बाद के लेखको को पूर्ववर्ती पीढियों द्वारा कहा सूनी के आधार पर जो कुछ सूचनाये प्राप्त हो जाया करती थी उनके आधार पर ही उन महान पुरुषो के बारे में कुछ जानकारी मिलने लगी है | पाईथागोरस उस समय उत्पन्न हुए थे जब गणित अपनी आरम्भिक अवस्था में ही था किन्तु अपनी विद्वता के कारण इस महान दार्शनिक ने एक ऐसी प्रमेय का सूत्रपात किया जो विश्वभर में प्राथमिक कक्षाओ में ही व...
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