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भोपाल के प्रमुख पर्यटन स्थल | Bhopal Tour Guide in Hindi

भोपाल के प्रमुख पर्यटन स्थल | Bhopal Tour Guide in Hindi
भोपाल के प्रमुख पर्यटन स्थल | Bhopal Tour Guide in Hindi

भोपाल (Bhopal) एक शान्त एतेहासिक एवं सहज शहर है जहां खुबसुरत झीलों का नजारा है जो हरी भरी पहाडियों से घिरी है | खुले वन्य परिक्षेत्र में घूमते सफेद शेर और मुगलकाल की पुरानी तहजीबो से रुबुरु होने का नाम है भोपाल | पुरे देश में कही से भी सरलता से यहाँ पहुचा जा सकता है | दिल्ली , कोलकाता , मुम्बई एवं चेन्नई से सीधी रेलयात्रा की सुविधा भोपाल तक आने में है |
राजा भोज के बसाए इस खुबसुरत शहर का नाम पहले भोजपाल था फिर अपभ्रष में इसे भोपाल (Bhopal) कहा जाने लगा | भोजपुर का विश्व प्रसिद्ध शिव मन्दिर एवं एशिया की सबसे बड़ी मस्जिद ताजउल मस्जिद भोपाल में ही है | भोपाल की पुरानी गलियों में घूमते  सुरमा भोपाली चुना चाटते आप से नई सह्स्ताब्दी में भी टकरा जायेंगे | परदे लगे तांगों में बुरका पहने हुयी महिलाएं आज भी पुराने भोपाल में नजर आती है |आदिम युगीन भीमबैठका की गुफाये , विश्व प्रसिद्ध साँची के स्तूप भोपाल के नजदीक ही है | आइये अब आपको भोपाल (Bhopal) के प्रमुख पर्यटन स्थलों के बारे में विस्तार से बताते है |

भोपाल के पर्यटन स्थल 

शान-ए-भोपाल – भोपाल आने वाले पर्यटकों के लिए एक मन मुग्धकारी सौगात है वह है शान-ए-भोपाल | 3 किमी लम्बी झील के किनारे बने इस मार्ग पर आनन्दकारी ड्राइविंग एवं पैदल भ्रमण मन मोह लेता है | शाम होते होते इस मरीन ड्राइव पर जैसे मेला लगने लगता है | पुरे भोपाल शहर की बिजली की रोशनिया जैसे बड़ी झील में आकर झिलमिल झिलमिल नाचने लगती है | जब भी भोपाल आये एक शाम मरीन ड्राइव पर जरुर बिताए |
ताजउल मस्जिद – यह मस्जिद एशिया की सबसे बड़ी मस्जिद मानी जाटी है | इसके पास ही दिसम्बर के महीने में विश्व मुस्लिम शान्ति सम्मेलन “इस्तिमा” का मेला लगता है | जिसमे दुनियाभर के मुसलमान शामिल होते है | इस विशाल मस्जिद के निर्माण की शुरुबात शाहजहाँ बेगम ने 1868 में की थी | निर्माणकार्य उसकी मृत्यु के बाद सम्पन्न हुआ |
जामा मस्जिद – स्वर्ण शिखर से मंडित भोपाल के चौक में स्थित यह आकर्षक मस्जिद कुदेसिया बेगम द्वारा निर्मित है | कहा जाता है कि यहाँ पहले परमार वंशीय राजा उपादित्य द्वारा 1059 में निर्मित सभा मंडप था |
मोती मस्जिद – दिल्ली की जामा मस्जिद की शैली पर बनी मोती मस्जिद भी मुगलकाल की भव्य इमारत है |
विधानसभा भवन एवं सचिवालय – भोपाल का पुराना विधानसभा भवन वास्तुकला का शानदार नमूना है | यह भवन ब्रिटिश वास्तुविदों ने बनाया था | राजभवन भी इसी काल की रचना है | भोपाल पहाडियों पर बसाया गया शहर है | पहाडियों पर ही मध्यप्रदेश सचिवालय का बल्लभ भवन और दो अन्य भवन सतपुड़ा एवं विंध्याचल आधुनिक वास्तुकला के नमूने है |
भारत भवन – प्रसिद्ध वास्तुविद चार्ल्स कुरियन द्वारा इस सांस्कृतिक परिसर का निर्माण किया गया है | इसे देश का सांस्कृतिक तीर्थ कहा जा सकता है | आदिवासी संस्कृति एवं रंगकर्म के शानदार वैभव का अद्भुत संग्रह भारत भवन भोपाल की सुंदर झील के किनारे बना है | इसी प्रकार आदिवासी कला केंद्र खुले आसमान के नीचे आदिवासियों की झोपड़ियो एवं उनके रहन-सहन का नमूना प्रस्तुत करता है |
अन्य दर्शनीय स्थल – शासकीय पुरातत्व संग्रहालय , गांधी भवन , वन विहार , चौक आदि जगहों पर भोपाल के पर्यटन का असली आनन्द मिलता है | छोटी-बड़ी झील और उसके किनारे बना अद्भुत मछलीघर भोपाल के दर्शनीय स्थल है | यहाँ से थोड़ी दूर पर इस्लाम नगर है जहां अफगान शासक दोस्त मुहम्मद खा के बनाये सुंदर महल एवं बगीचे है यहाँ अक्सर फिल्मो की शूटिंग होती रहती है |
भीम बैठका – भोपाल से 35 किमी दूर भीम बैठक की आदिमयुगीन गुफाये है | इन गुफाओं में आदिमकालीन मानव द्वारा पत्थरों पर उकेरी गयी चित्रकारी का बड़ा संग्रह है | हालांकि भीम बैठका की गुफाओं के सन्दर्भ में यह भी कहा जाता है कि महाभारत काल में भीम ने इन गुफाओं में निवास किया था |

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