
ओड़िशा (Odisha) (पूर्व नाम उड़ीसा ) भारत का एक पूर्वी दिशा में स्थित बंगाल की खाड़ी के नजदीक स्थित राज्य है | ओड़िशा (Odisha) की स्थापना 01 अप्रैल 1936 को ब्रिटिश काल में ही हो गयी थी | ओडिशा के स्थापना दिवस को हर वर्ष अप्रैल के प्रथम दिन को उत्कल दिवस के रूप में मनाया जाता है | भारत के राष्ट्रगान में भी इस क्षेत्र का “उत्कल” नाम से जिक्र है | ओडिशा चारो ओर से पश्चिमी बंगाल , झारखंड , छत्तीसगढ़ और आंध्रप्रदेश से जुड़ा हुआ है | ओडिशा (Odisha) की राजधानी भुवनेश्वर इस राज्य का सबसे बड़ा शहर भी है |
ओड़िशा (Odisha) एक नजर में
| राजधानी | भुवनेश्वर |
| राज्य का दर्जा | 01 अप्रैल 1936 |
| सबसे बड़ा शहर | भुवनेश्वर |
| कुल जिले | 30 |
| क्षेत्रफल | 155,707 वर्ग किमी (देश में 9वा स्थान) |
| जनसख्या | 155,707 (देश में 11 स्थान) |
| जनसंख्या घनत्व | 270 व्यक्ति प्रति वर्ग किमी |
| लिंगानुपात | 979 महिलाओं पर 1000 पुरुष |
| साक्षरता दर | 75.45 प्रतिशत (देश में 19वा स्थान) |
| सबसे ऊँची चोटी | देमाली |
| आधिकारिक भाषा | ओडिया |
| प्रसिद्धी | |
| प्रसिद्ध नृत्य | ओडिसी |
| प्रसिद्ध त्यौहार | पुरी रथ यात्रा |
| जनजातियाँ | |
| नदियाँ | महानदी , ब्राह्मणी , बैतरनी |
| पर्वत | |
| झीले | चिलका झील |
| सरकार | |
| गर्वनर | गणेशी लाल |
| मुख्यमंत्री | नवीन पटनायक (बीजू जनता दल) |
| विधानसभा | 147 सीट |
| उच्च न्यायालय | उडीसा उच्च न्यायालय .कटक |
| लोकसभा में सीटे | 21 |
| राज्यसभा में सीटे | 10 |
| प्रथम मुख्यमंत्री | हरेकृष्ण महताब |
| प्रथम गर्वनर | सर जॉन ऑस्टन |
ओडिशा (Odisha) का इतिहास
- ओडिशा (Odisha) उड़िया लोगो का प्रदेश है जिसे प्राचीन समय में कलिंग कहते थे |
- सम्राट अशोक की मृत्यु के बाद कलिंग एक स्वतंत्र राज्य बना |
- दुसरी सदी ईसा पूर्व में खारवेल के नेतृत्व में कलिंग शक्तिशाली प्रदेश बना |
- चौथी सदी में समुद्रगुप्त ने ओडिशा पर आक्रमण किया |
- 610 ईस्वी में ओडिशा राजा ससंक के नेतृत्व में आया |
- ससंक की मृत्यु के बाद हर्ष ने ओडिशा पर कब्जा कर किया |
- सातवी सदी में ओडिशा के स्थानीय राजा (गंग वंश) ने राज किया |
- 795 ई. में महाशिवगुप्त द्वीतीय ने कई राज्यों को एकीकृत किया |
- 16वी सदी के मध्य मुस्लिम शासको ने ओडिशा पर राज किया |
- मुगलों के अंत के बाद ओडिशा पर मराठो ने राज किया |
- 1803 में ओडिशा मराठो से अंग्रेजो के हाथ में आ गया |
- 01 अप्रैल 1936 को ओडिशा एक अलग प्रदेश बन गया |
- आजादी के बाद कई प्रदेश ओडिशा में मिल गये |
उडीसा की भौगोलिक स्थिति
- उडीसा (Odisha) में तीन नदियाँ प्रमुख है महानदी , ब्राहमनी और बैतरनी |
- भारत की सबसे बड़ी लायन सफारी नन्दनकानन नेशनल पार्क भुवनेश्वर के निकट स्थित है जहां सफेद शेर देखने को मिलते है |
- राज्य को मोटे तौर पर चार प्रमुख भौगोलिक क्षेत्रो में बांटा जा सकता है उत्तरी पठार , मध्य नदी थाला , पूर्वी पहाड़िया और तटवर्ती मैदान |
- ओडिशा (Odisha) में भारत की सबसे बड़ी एवं सबसे विख्यात झील चिलका झील है |
- आरम्भ में यह बंगाल की खाड़ी का भाग थी लेकिन बाद में रेत के टिब्बो के कारण यह बंगाल की खाड़ी से पृथक हो गयी |
- छिलका झील 64 किमी लम्बी और 16 से 20 किमी चौड़ी है |
- इस झील में दो सुंदर द्वीप है जिनके नाम है पारिकुंड और मलूड |
- ओडिशा की जलवायु सम है न बहुत गर्म और न बहुत ठंडी |
- राज्य में औसत वर्षा 150 सेमी है |
उडीसा की आर्थिक स्थिति
- उडीसा (Odisha) में 70 प्रतिशत से अधिक लोगो का जीवन कृषि पर निर्भर है |
- कुल 94.62 लाख हेक्टेयर में फसले उगाई जाती है जिसमे से 18.79 लाख हेक्टेयर भूमि में सिंचाई की सुविधा है |
- चावल , दाले , तिलहन , जुट , गन्ना , नारियल और हल्दी मुख्य फसले है |
- ओडिशा (Odisha) में केन्द्रीय क्षेत्र की परियोजनाए है राऊरकेला में इस्पात कारखाना , चतरपुर में खाद काम्प्लेक्स , तालचेर में भारी पानी परियोजना , मन्वेशवर में रेल डिब्बा , मरम्मत वर्कशॉप , कोरापुट में अलुमिनियुम काम्प्लेक्स , तालचेर में कप्तिव बिजलीघर और पारादीप में उर्वरक कारखाना |
उडीसा (Odisha) की संस्कृति
- ओडिसी उडीसा (Odisha) का शास्त्रीय नृत्य है जो पुरे भारत में प्रसिद्ध है |
- ओडिशा के चर्चित लोकनृत्य चाद्या , द्न्दंता और चाउ है |
- चार धामों में से एक पुरी उडीसा में स्थित है |
- पुरी रथ यात्रा में भगवान जगन्नाथ , बलराम और सुभद्रा की रथयात्रा निकाली जाती है |
- कोणार्क का सूर्य मन्दिर और लिंगराज मन्दिर काफी प्रसिद्ध है |
- उडीसा (Odisha) की साक्षरता दर 73.4 प्रतिशत है |
उडीसा के चर्चित व्यक्ति
- वी.वी.गिरी- भारत के चौथे राष्ट्रपति
- सुदर्शन पटनायक – विश्व प्रसिद्ध सैंड आर्टिस्ट
- मीरा नायर – फिल्म निर्माता
- नंदिता दास -प्रसिद्ध अभिनेत्री
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