यदि आपको पानी के करीब रहना अच्छा लगता है तो झीलों वाले स्थान पर छुट्टिया गुजारने से बेहतर क्या होगा | हमारे देश में कुछ बेहद सुंदर झीले मौजूद है जिनमे हिमाचल प्रदेश में स्थित अर्द्धचन्द्र जैसे आकार वाली चन्द्रताल झील से लेकर मणिपुर की एकमात्र तैरते टापुओ वाली झील शामिल है | यहाँ आपको देश की कुछ ख़ास झीलों के बारे में बता रहे है जहां कम से कम एक बात तो आपका जाना बनता है |
त्सो मोरिरी (लद्दाख)
लेह के दक्षिण-पूर्व में 250 किमी दृ बेहद उंचाई पर स्थित त्सो मोरिरी झील विभिन्न प्रजातियों के पक्षियों तथा जानवरों का आवास भी है | इस झील की सैर के दौरान कुछ खुबसुरत जीवो तथा पक्षियों से भी पर्यटकों का सामना होता है | रस्ते में ही गंधक युक्त गर्म पानी वाली चुमथांग स्प्रिंग्स भी आती है | इस झील तक जाने के लिए पहले परमिट लेना जरुरी है |
लोकटक झील (मणिपुर)
मणिपुर के बिशनपुर जिले में स्थित यह एक बेहद खास झील है | यह विश्व की एकमात्र ऐसी झील है जिसमे तैरते हुए टापू पाए जाते है | 286 वर्ग मील में फ़ैली यह झील अपने आप में एक अलग पारिस्थितिकी तन्त्र का निर्माण करती है | संकटग्रस्त “ब्रो एंटलरेड डियर” नामक हिरण इसके टापुओ पर पाए जाते है | यह झील 64 तरह की मछलियों का भी घर है | यहाँ सालाना 1500 टन मछलिया पकड़ी जाती है |
चन्द्रताल (हिमाचल प्रदेश)
4300 मीटर की ऊंचाई पर स्थित यह झील हिमाचल प्रदेश के स्पिति जिले में स्तिथ है | इसके नाम का अर्थ चाँद की झील है जिसका यह नाम अर्द्ध चन्द्र के आकार की वजह से पड़ा है | यहाँ जाने का सबसे अच्छा वक्त मई से सितम्बर तक है | यहाँ कैम्पिंग के लिए अच्छे स्थान है | इस झील की खास बात है कि इस झील में भरने वाले पानी का स्त्रोत कही नजर नही आता है जिस कारण माना जाता है कि इस झील में किसी भूमिगत स्त्रोत से पानी आता होगा |
गुरु डोंगमार झील (सिक्किम)
विश्व की सबसे ऊँची झीलों में से एक यह झील नवम्बर से मई महीनों के दौरान पुरी तरह से जमी रहती है | एक किंवदती के अनुसार स्थानीय लोगो के आग्रह पर गुरुनानक देव जी ने झील में एक जगह पर “डांग”(छड़ी) मारकर बर्फ तोडकर कहा था कि उस जगह पर पानी कभी नही जमेगा | लोगो का विश्वास है कि इसी वजह से आज भी इस झील का एक हिस्सा कभी जमता नही है | यहाँ तक पहुचने के लिए राजधानी गंगटोक से एक बेहद लम्बा रास्ता तय करना पड़ता है |
पैंगोग झील (लेह)
आमिर खान तथा करीना कपूर स्टार ब्लाकबस्टर फिल्म “3 इडियट्स” का क्लाइमेक्स इसी झील के किनारे फिल्माया गया था | इसके नाम का अर्थ है लम्बी ,संकरी ,मनमोहक झील है | लेह से यहाँ तक पहुचने में 5 घंटे लगते है | टूरिस्ट सीजन में झील का शानदार किनारा पर्यटकों के लिए खुला रहता है | ठहरने के लिए झील के निकट तम्बुओ या कमरों में से किसी को भी चुन सकते है |
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