
अमरकंटक (Amarkantak) नर्मदा नदी , सोन नदी और जोहिला नदी का उद्गम स्थान है | मैकाल की पहाडियों में स्थित अमरकंटक (Amarkantak) मध्यप्रदेश के अनूपपुर जिले में पड़ता है | समुद्रतल से 1065 मीटर ऊँचे इस स्थान पर ही मध्य भारत के के विन्ध्य और सतपुड़ा की पहाडियों का मेल होता है | चारो ओर से टीक और महुए के पेड़ो से घिरे अमरकंटक से ही नर्मदा और सोन नदियों की उत्पति होती है | नर्मदा नदी यहाँ से पश्चिम की तरफ और सों नदी पूर्व दिशा में बहती है |
अमरकंटक (Amarkantak) के खुबसुरत झरने ,पवित्र तालाब ,ऊंची पहाड़िया और शांत वातावरण सैलानियों को मंत्रमुग्ध कर देते है | प्रकृतिप्रेमी और धार्मिक प्रवृति के लोगो को यह स्थान काफी पसंद आता है | नर्मदा को समर्पित यहाँ अनेक मन्दिर बने हुए है जिन्हें दुर्गा की प्रतिमूर्ति माना जाता है | अमरकंटक बहुत से आयुर्वेदिक पौधों के लिए भी प्रसिद्ध है जिन्हें किंवद्तियो के अनुसार जीवनदायीनी गुणों से भरपूर माना जाता है |
अमरकंटक (Amarkantak) में गर्म पानी का एक झरना भी है | कहा जाता है कि यह झरना औषधीय गुणों से सम्पन्न है और इसमें स्नान करने से शरीर के असाध्य रोग ठीक हो जाते है | दूर-दूर से लोग इस पवित्र पानी में स्नान करने के उद्देश्य से आते है ताकि उनके तमाम दुखो का निवारण हो सके | नर्मदाकुंड नर्मदा नदी का उद्गम स्थल है | इसके चारो ओर अनेक मन्दिर बने हुए है | कहा जाता है कि नर्मदा की उत्पति शिव की जटाओ से हुयी है इसलिए शिव को जटाशंकर कहा जाता है | आइये आपको अमरकंटक के पर्यटन स्थलों के बारे में बताते है |
अमरकंटक (Amarkantak) के दर्शनीय स्थल
दूधधारा – अमरकंटक में दूधधारा नामक झरना काफी लोकप्रिय है | ऊँचाई से गिरते इस झरने का जल दूध के समान प्रतीत होता है इसलिए इसे दूधधारा के नाम से जाना जाता है |
सोनमुद्रा – सोनमुद्रा सोन नदी का उद्गम स्थल है | यहाँ से घाटी और जंगल से ढकी पहाडियों के सुंदर दृश्य देखे जा सकते है | सोन नदी 100 फीट पहाडी से एक झरने के रूप में यहाँ से गिरती है | सुनहरी ररेत के कारण ही इसे सोन नदी कहा जाता है |
माँ की बगिया – माँ की बगिया माता नर्मदा को समर्पित है | कहा जाता है कि इस हरी भरी बगिया से शिव की पुत्री नर्मदा पुष्प चुनती है | यहाँ प्राकृतिक रूप से आम, केले और अन्य बहुत से फलो के पेड़ उगे हुए है | साथ ही गुलाबकावली और गुलाब के सुंदर पौधे यहाँ की सुन्दरता में बढ़ोतरी करते है | यह बगिया नर्मदा कुंड से एक कि.मी. की दूरी पर है |
कपिला धारा – लगभग 100 फीट की उंचाई से गिरने वाला कपिला धारा झरना बहुत सुंदर और लोकप्रिय है | धर्मग्रंथो में कहा गया है कि कपिल मुनि यहाँ रहते थे | घने जंगलो , पर्वतों और प्रकृति के सुंदर नजारे यहाँ से देखे जा सकते है | माना जाता है कि कपिल मुनि ने सांख्य दर्शन की रचना इसी स्थान पर की थी | कपिला धारा के आस-पास अनेक गुफाये है जहां साधू संत ध्यानमग्न मुद्रा में देखे जा सकते है |
कबीर चबूतरा – स्थानीय निवासियों और कबीरपंथियों के लिए कबीर चबूतरे का बड़ा महत्व है | कहा जाता है कि संत कबीर ने कई वर्षो तक इसी चबूतरे पर ध्यान लगाया था | कहा जाता है कि इसी स्थान पर भक्त कबीर और सिखों के पहले गुरु नानकदेव जी मिले थे | उन्होंने यहाँ आध्यात्म एवं धर्म की बातो के साथ मानव कल्याण पर चर्चाये की | कबीर चबूतरे के निकट ही कबीर झरना भी है |
अमरकंटक का निकटतम एअरपोर्ट जबलपुर में है जो लगभग 245 किमी दूर है | पेद्रा रोड अमरकंटक का नजदीकी रेलवे स्टेशन है जो लगभग 17 किमी दूर है | सुविधा के लिहाज से अनूपपुर रेलवे स्टेशन अधिक बेहतर हा जो अमरकंटक से 48 किमी दूर है | अमरकंटक मध्यप्रदेश और निकटवर्ती शहरों से सडक मार्ग से जुड़ा हुआ है |
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