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सालमन मछली से जुड़े रोचक तथ्य | Salmon Fish Facts in Hindi

सालमन मछली से जुड़े रोचक तथ्य | Salmon Fish Facts in Hindi
सालमन मछली से जुड़े रोचक तथ्य | Salmon Fish Facts in Hindi

सालमन (Salmon Fish) विश्व की सर्वाधिक विख्यात मछली है | दार्शनिको एवं साहित्यकारों को इसकी जानकारी लगभग दो हजार वर्ष पूर्व से है | सालमन (Salmon Fish) की अद्भुत विशेषताओ और साहसी प्रवृति से आकर्षित होकर साहित्यकारों ने इस पे अनेक पुस्तके लिखी है तथा कविगण तो आज भी सालमन पर कविताये लिखते रहते है | फोटोग्राफर तथा चित्रकार तो सालमन के इतने दीवाने है कि इसकी एक झलक पाने के लिए नदियों के किनारे अपना जीवन गुजार देते है | आइये इस अद्भुत मछली से जुड़े रोचक तथ्य आपको बताते है |

  • सालमन एवं विलक्षण साहसी मछली है | यह मूल रूप से नदियों की मछली है या सागर की मछली है ? इस संबध में निश्चित रूप से नही कहा जा सकता |
  • सालमन (Salmon Fish) ताजे पानी में प्रजनन करती है और सागर से अपना भोजन प्राप्त करती है | सालमन प्रजनन काल में सागर में स्थित प्रजनन स्थल तक की सौ किमी से एक हजार किमी तक की यात्रा करती है |
  • यह नदियों के मुहानों से नदियों के भीतर प्रवेश करती है तथा नदी की धारा के विपरीत तैरती है | इसे प्राय: छोटे झरने भी पार करने पड़ते है | यह सामान्य मछलियों के विपरीत तीन मीटर तक उछल सकती है |
  • कभी कभी प्रजनन स्थल तक पहुचने के लिए इसे इतने कम पानी से गुजरना पड़ता है कि इसका पूरा शरीर भी पानी में नही डूब पाता | नदियों पर बाँध बन जाने के बाद भी यह संघर्षपूर्ण यात्रा करते है तथा तब तक प्रजनन स्थल तक पहुचने का प्रयास करती है जब तक यह सफल नही हो जाती या किसी गहरे स्थान में गिर नही जाती |
  • सालमन (Salmon Fish) की शारीरिक संरचना सामान्य मछलियों की तरह होती है | इसकी 24 जातियाँ पायी जाती है जिनमे अटलांटिक सालमन प्रमुख है | अटलांटिक सालमन उत्तरी अटलांटिक सागर में पायी जाती है और यूरोप एवं उत्तरी अमेरिका के नदियों में प्रजनन करती है | इस पुरे क्षेत्र में पाई जाने वाली यह अकेली सालमन है |
  • सालमन की कुछ प्रजातियाँ उत्तरी प्रशांत महासागर में पायी जाती है | इनमे चिनूक सालमन , कोहो सालमन , शाक आई सालमन , हम्पबैक सालमन एवं डॉग सालमन अदि प्रमुख है | ये भी कनाडा एवं अमेरिका के पश्चिमी तटो पर देखी जा सकती है | सालमन की एक प्रजाति उत्तरी एशिया के पूर्वी किनारों पर पाई जाती है
  • सालमन (Salmon Fish) मध्यम आकार की मछली है जिसकी लम्बाई 50-150 सेमी तथा वजन 4-40 किलोग्राम तक होता है |
  • विश्व की सबसे बड़ी सालमन चिनूक सालमन है जिसकी लम्बाई डेढ़ मीटर एवं वजन 45 किलोग्राम तक होता है |
  • हम्पबैक सालमन सबसे छोटी सालमन मछली है जिसकी लम्बाई 50 सेमी एवं वजन 4 किलोग्राम तक होता है |
  • सालमन का पेट का भाग हरापन लिए हुए रुपहला तथा नीचे का भाग चाँदी की तरह चमकीले रंग का होता है | इसके पीठ का रंग भूरापन लिए हुए रुपहला होता है तथा पेट एवं पीठ पर काले रंग के धब्बे होते है |
  • सालमन मछली (Salmon Fish) का शरीर पतला होता है और शारीरिक संरचना इस प्रकार होते है कि यह पानी में तेज गति से तैर सकती है | वयस्क सालमन का शरीर लम्बा , मजबूत एवं शानदार होता है | इस यदि पकड़ा जाए तो छुटने के लिए कड़ा संघर्ष करती है |
  • सालमन सागर में न तो सतह पर रहती है और न अधिक गहराई पर | यह रात्रि के समय सागर की सतह पर आ जाती है और विभिन्न प्रकार के कीड़े-मकोड़े , कठोर कवच वाले जीव एवं केकड़े खाती है | इनके अतिरिक्त यह रेत की ईल , छोटी हेरिंग मछलिया एवं अन्य मछलिया भी खाती है |
  • यह उन कीड़े-मकोडो को खाना अधिक पसंद करती है जिनमे कैरोटीनाइल नामक पदार्थ होता है | इसी पदार्थ के कारण सालमन का मांस गुलाबी एवं लाल रंग का हो जाता है |
  • सालमन (Salmon Fish) सागर में बहुत शिकार करती है इसी कारण सागर में रहने वाली सालमन के शरीर पर काफी चर्बी एकत्रित हो जाती है | ताजे पानी की नदियों में नियमित भोजन नही मिल पाता | इस काल में यह अपने शरीर में एकत्रित चर्बी के सहारे जीवित रहती है |
  • सालमन के अनेक शत्रु भी है | ताजे पानी की नदियों में पायी जाने वाली ईल इसके अंडे खा जाती है | इसके अतिरिक्त बहुत सी समुद्री मछलिया जैसे पर्च , पाइक एवं ट्राउट आदि छोटी सालमन मछलियों को अपना आहार बना लेती है |
  • वयस्क सालमन भी पोपस ,शार्क या इसी तरह के समुद्री जीवो क शिकार बनती है | इन सबके साथ ही जलकाग आदि समुद्री पक्षी भी सालमन का भक्षण करते है |
  • सालमन (Salmon Fish) एक कीमती मछली है | इसे केवल उच्च वर्ग के सम्पन्न व्यक्ति ही खाते है | किसी समय यह फ़्रांस में बहुत अधिक संख्या में पायी जाती थी किन्तु फ्रासं की क्रांति के साथ ही इसका पतन आरम्भ हो गया |
  • नदियों पर बनने वाले बांधो एवं बिजलीघरो , खेती में काम आने वाली कीटनाशक दवाओं एवं बड़े बड़े उद्योगों द्वारा उत्पन्न कचरे के कारण यूरोप के अधिकांश देशो में सालमन विलुप्ति की कगार पर पहुच गयी है |
  • सालमन (Salmon Fish) की वर्तमान स्थिति को देखकर ऐसा लगता है कि यदि इसके संरक्षण के शीघ्र प्रयास नही किये गये तो उत्तरी गोलार्ध की यह मछली उत्तरी गोलार्ध से समाप्त हो जायेगी और केवल दक्षिणी गोलार्ध में शेष रह जायेगी |
  • उत्तरी अमेरिका और यूरोप के तटो पर सालमन लाउस नामक एक परजीवी जलकीट पाया जाता है जो प्राय: सालमन मछली से चिपका रहता है और उसका खून पीता है | सालमन का शिकार करने वाले मछुआरे इस लाउस को देखकर ही यह अनुमान लगाते है कि यह मछली अभी अभी सागर से निकल कर नदी में आयी है |

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