
समुद्री घोडा (Sea Horse) एक विलक्षण समुद्री मछली है | इसका मुंह दिखने में घोड़े जैसा लगता है इसलिए इसका नाम ऐसा दिया गया है | यह विश्व का एक ऐसा जीव है जिसमे मादा के स्थान पर नर को प्रसव पीड़ा भुगतनी पडती है | समुद्री घोडा (Sea Horse) विश्व के प्राय: सभी सागरों और महासागरो में पाया जाता है | यह सागर तटो अथवा उथले भागो में इल घास या इसी प्रकार के समुद्री पौधों के निकट रहना पसंद करता है | आइये आपको इस अनोखे समुदी जीव के बारे में रोचक तथ्य बताते है |
- समुद्री घोड़े (Sea Horse) की लगभग 100 जातियों की जानकारी प्राप्त की जा चुकी है जिसमे से पाँच जातियाँ भारत के तटीय भागो में पायी जाती है |
- समुद्री घोडा एक छोटी समुद्री मछली है जिसकी पूंछ सहित लम्बाई 6 सेमी से लेकर 30 सेमी तक एवं वजन 5 ग्राम से लेकर 50 ग्राम तक होता है |
- भारत में पाए जाने वाले समुद्री घोडा आकार में छोटे होते है जिनकी लम्बाई 6 सेमी से 12 सेमी एवं वजन 5 ग्राम से 20 ग्राम तक होता है |
- समुद्री घोड़े (Sea Horse) के शरीर में रंगो की पर्याप्त विविधिता पायी जाती है | इसका रंग सफेद , हरे ,भूरे से लेकर चमकीला लाल तक हो सकता है | कभी कभी बैंगनी समुद्री घोड़े भी देखने को मिल जाते है |
- इसमें अपने शरीर का रंग बदलने की अद्भुत क्षमता होती है | इस क्षमता का उपयोग प्राय: वह अपने शत्रुओ को धोखा देने के लिए करता है |
- समुद्री घोड़े (Sea Horse) में अनेक ऐसी विशेषताए पायी जाती है जो किसी अन्य समुद्री जीव में देखने को नही मिलती | उदाहरण के लिए इसके पेट के पास कंगारू के समान थैली , बन्दर के समान पूंछ , घोड़े जैसा सर , गिरगिट के समान दो स्वतंत्र आँखे होती है |
- इसके शरीर पर परतदार कठोर कवच जैसा आवरण होता है तथा पीठ पर एक पारदर्शी मीनपंख होता है जिसकी सहायता से यह अपने शरीर का संतुलन बनाये रखते हुए बहुत धीरे धीरे तैरता है |
- इसके पीठ के मीनपंख के फडफडाने की गति 35 बार प्रति सैकंड तक हो सकती है अर्थात तैरते समय यह इतनी तेजी से गति करता है कि दिखाई नही देता | इस समय इसका सर स्टेयरिंग व्हील का कार्य करता है | इसका सर जिस दिशा में होता है उसी दिशा में तैरते हुए आगे बढ़ता है |
- समुद्री घोडा सदैव खड़ा होकर तैरता है एवं उपर नीचे गति गति करते हुए तैरता है | यस इसे तैरने में तो मदद करती ही है इसके साथ ही इसे समुद्री घास , शैवाल एवं छोटे छोटे समुद्री पौधों में लंगर की तरह फंसा कर आराम भी कर लेता है |
- समुद्री घोड़े (Sea Horse) की एक विशेष प्रजाति पायी जाती है जिसे हेजहोग समुद्री घोडा कहते है इसके पूंछ सहित पुरे शरीर पर छोटे छोटे कांटे होते है |
- समुद्री घोड़े v का जीवन बड़ा रोचक एवं रोमांचक होता है | इसमें प्राय: वयस्क नर एक स्थान पे एकत्र हो जाते है और एक दुसरे में अपनी पूंछ फंसाकर एक विशेष प्रकार का नृत्य करते है | यह नृत्य बड़ा घातक होता है क्योंकि कुछ समुद्री घोड़े नृत्य के बाद अपनी फंसी हुयी पूंछ अलग नही कर पाते और अलग करने का प्रयास करते मर जाते है |
- समुद्री घोडा (Sea Horse) पुरी तरह माँसाहारी होता है | इसका प्रमुख भोजन विभिन्न प्रकार की छोटी छोटी मछलियाँ था इसी प्रकार के समुद्री जीव है |
- यह अपना भोजन चबाता नही है बल्कि अपने मुंह के अग्र भाग में स्थित अंगो की सहायता से उसे चूस कर खाता है |
- समुद्री घोड़े (Sea Horse) की एक प्रजाति बौना समुद्री घोडा है जो बहुत सुस्त एवं आलसी होता है | इसकी गणना विश्व की सर्वाधिक आलसी मछली के रूप में की जाती है | यह बहुत कम तैरता है और जब कभी तैरता भी है तो इसकी गति .016 किमी प्रति घंटा से अधिक नही होती | यह किसी समुद्री मछली के सबसे धीमी गति से तैरने का कीर्तिमान है |
- समुद्री घोड़े का प्रजनन पुरे वर्ष भर चलता है | इसमें नर की शारीरिक संरचना अद्भुत होती है | नर समुद्री घोड़े के पेट के पास कंगारू के समान एक थैली होती है | इस थैली के भीतर की संरचना भ्रूणदानी के समान होती है |
- समुद्री घोड़ो में प्राय: मादा नर से प्रणय निवेदन करती है था कई दिनों तक उसे अपनी ओर आकर्षित करने का प्रयास करती है |
- समुद्री घोड़ो में प्रणय निवेदन उस समय तक चलता है जब तक कि नर समुद्री घोड़े के पेट के पास बनी भ्रूणदानी अंडे ग्रहण करने की स्थिति में नही आ जाती |
- नर समुद्री घोडा एक साथ सभी बच्चो को जन्म नही देता बल्कि कुछ बच्चो को जन्म देने के बाद थक जाता है और विश्राम करता है | प्राय: यह तीन चार दिन तक बच्चो को जन्म देता है |
- समुद्री घोड़े (Sea Horse) के जीवनकाल के बारे में कोई निश्चित नही हुआ है | जीववैज्ञानिकों के अनुसार इनकी आयु दो से ढाई वर्ष देखी गयी है जबकि महासागरो में स्वतंत्र अवस्था में इनका जीवनकाल ओर भी लम्बा हो सकता है |
- समुद्री घोड़े (Sea Horse) का विश्व के अधिकांश भागो में काफी शिकार किया जाता है | एशिया के कुछ देशो विशेष रूप से चीन , वियतनाम एवं सिंगापूर में इसकी भारी मांग है |
- इन देशो में इससे अनेक प्रकार के स्वादिष्ट व्यंजन एवं शक्तिवर्धक दवाये तैयार की जाती है | चीन में तो समुद्री घोड़े का चूर्ण एवं शोरबा एक विशिष्ट खाद्य पदार्थ के रूप में काफी प्रसिद्ध है |
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