
सुई मछली के दांत सुई जैसे होते है इसलिए इसका नाम सुई मछली दिया गया है | इसका पुराना नाम बरछी मछली है | इस मछली की हड्डिया हरे रंग की होती है अत: कुछ लोग इस हरे रंग की हड्डियों वाली मछली भी कहते है | आइये इस अनोखी मछली से जुड़े रोचक तथ्य आपको बताते है |
- सुई मछली उड़ने वाली मछलियों के समान पानी के उपर ग्लाइडिंग सी करती है किन्तु इसकी छाती के मीनपंख उड़ने वाली मछलियों की तरह बड़े अकार के नही होते | सुई मछली की शारीरिक संरचना और इसकी Gliding करने की आदत से ऐसा लगता है कि यह कभी उड़ने वाली मछली रही होगी |
- सुई मछली की लगभग 60 जातियाँ है | यह विश्व के अधिकांश उष्णकटिबंधीय एवं समशीतोष्ण सागरों एवं महासागरो में पायी जाती है किन्तु उष्णकटिबंधीय सागरों में इसकी संख्या अधिक है |
- यूरोप की सुई मछली भूमध्य सागर और काले सागर में पायी जाती है | इसे उत्तर में बाल्टिक सागर तक देखा जा सकता है |
- सुई मछली की अधिकाँश जातियाँ समुद्री है किन्तु कम से कम दो जातियाँ ऐसी है जो मुहानों से होती हुयी ताजे पानी में काफी उपर तक आ जाती है |
- सुई मछली की ताजे पानी में पायी जाने वाली एक जाति अमेजन नदी में मिलती है तथा दुसरी जाति दक्षिण-पूर्व एशिया में पायी जाती है | इसे भारत की अधिकांश नदीयो में देखा जा सकता है |
- भारत के सागरों में सुई मछली के दो परिवार मिलते है | इनकी कुल मिलाकर आठ जातियाँ है | ये प्राय: खुले सागरों में रहती है किन्तु कभी कभी नदियों के मुहाने तक आ जाती है विशेष रूप से प्रजनन काल में |
- सुई मछली की शारीरिक संरचना अन्य मछलियों से भिन्न होती है | इसका शरीर कुछ दबा , पतला और लम्बा होता है | इसकी लम्बाई सामान्यतया 75 सेमी से लेकर 1 मीटर तक होती है किन्तु कभी कभी इससे भी अधिक लम्बी सुई मछलिया देखने को मिल जाती है |
- उष्णकटिबंधीय सागरों में तो सुई मछली की कुछ ऐसी जातियाँ पायी जाती है जिनकी लम्बाई 1.5 मीटर तक होती है | इसकी पीठ का रंग हरा नीला सा होता है एवं पेट का रंग चांदी की तरह रुपहला होता है |
- सुई मछली की आँखे पिली होती है एवं इनके चारो ओर लाल रंग का घेरा होता है | सुई मछली की की सबसे बड़ी विशेषता इसकी हड्डियों में होती है | इसकी हड्डिया हरे रंग की होती है |
- सुई मछली के जबड़े सर से भी अधिक लम्बे और आगे से चोच की तरह नोकदार होते है | इस प्रकार इसका थूथन एक बरछी जैसा दिखाई देने लगता है | इसके मुंह में बहुत से दांत होते है | ये दांत सुई की तरह नुकीले होते है |
- सुई मछली एक कुशल और तेज तैराक मछली है | यह पानी की सतह पर Gliding भी करती है किन्तु इसका gliding करने का ढंग बड़ा विचित्र होता है | सुई मछली पानी के भीतर से बाहर की ओर कूदती है और कुछ दूरी तक पानी की सतह पर फिसलती चली जाती है |
- भारत में पायी जाने वाली सुई मछली काफी लम्बी होती है जिसकी लम्बाई 45 सेमी से 1.5 मीटर तक होती है किन्तु कभी कभी इससे भी अधिक ;लम्बी सुई मछलिया देखने को मिल जाती है |
- सुई मछली हमेशा झुण्ड में रहती है और झुण्ड में ही भोजन करती है | इसका प्रमुख भोजन विभिन्न प्रकार के क्रस्टेशियन और हेरिंग , मैकरेल एवं सारडाइन जैसी मछलिया है | यह हमेशा झुण्ड के साथ सागर की सतह के पास शिकार की तलाश करती है |
- सुई मछलीअनेक समुद्री मछलियों का शिकार करती है किन्तु टूना मछली इसका शिकार करती है | यह टूना मछली का प्रिय भोजन है |
- सुई मछली बड़ी सामाजिक होती है | कभी कभी यह पानी के भीतर खेल भी करती है | यह प्राय: उछल कर कछुए की पीठ पर सवार हो जाती है और गुलाटी खाते हुए आगे निकल जाती है | यह इसका एक प्रकार का खेल है किन्तु कभी कभी यह शिकार के लिए भी इस प्रकार के करतब दिखाती है |
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