बंदर (Monkey) एक चंचल स्वभाव का प्राणी होता है | इस जिव के चेहरे हाथ की हथेली और पैरों के पंजों को छोड़ कर शरीर के सभी जगह पर घने बाल उगते हैं | अधिकतर बंदर में अनुकरण करना, खिजाना, दल की रक्षा करना, दुसरे बंदर की साज सवार करना, अपने इलाके की रक्षा करना और उधम मचाना, यह सब लक्षण आम होते हैं | हिन्दू मान्यता में बंदर (Monkey) एक दैवीय प्राणी भी माना जाता है | इसी कारण देश के कई हिस्सों में उधम मचाने के बाद भी इन्हें कोई नुकसान नहीं पहुंचाया जाता है |
पुरे विश्व में विभिन्न जगहों पर अलग अलग प्रजाति के बंदर (Monkey) पाए जाते हैं | बंदर के हाथ और पैर काफी लचीले और मज़बूत होते हैं जिसके कारण वह बड़ी आसानी से पेड की एक डाल से दूसरी डाल पर झूल सकते हैं | इस फुर्तीले प्राणी को अपनी पूंछ से अधिक प्रेम होता है | कई निष्णान्तों का यह मत है की मानव के पूर्वज बंदर ही हैं | आइये इस मेरूदण्डी स्तनधारी प्राणी के विषय में रोचक तथ्यों पर बात करें |
- मंकी (Monkey) शब्द की उत्पति कैसे हुई इस बात का तर्क इतिहास में स्पष्ट नहीं है | लेकिन कुछ तथ्यों अनुसार डच शब्द मेनिकिन (Manikin) यानी “छोटा आदमी” से भी जोड़ा जाता है | (Dutch Little Man) | इस शब्द को एक मध्ययुगीय कहानी से भी जोड़ा जाता है | जिसमें एक बंदर का नाम मोनेके (Moneke) था |
- आम राय अनुसार, मानव के पूर्वज बंदर नहीं है | इस धारणा अनुसार 25 से 30 मिलियन वर्ष पहले “बंदर और मनुष्य के पूर्वज एक थे” | समय बीतने के साथ साथ इनमें से कुछ इन्सान बनने की और विकसित होते गए और कुछ बंदर के स्वरूप में ढले |
- बंदर (Monkey) एक चतुर प्राणी होता है | प्रशिक्षण देने पर वह लिखित संख्या पहचान सकता है | वह गिनती भी कर सकता है | इसके अलावा वह अंक गणित के सामान्य प्रश्न सुलझाने में भी सक्षम होता है | दुर्लभ मामलों में कुछ बंदर संख्याओं के गुणाकर तक समझ लेते हैं |
- ग्रीस राष्ट्र के राजा, एलेक्जेंडर प्रथम (Alexander I) की मौत उसके एक पालतू बंदर के काटने से हुई | उन्हें उस घाव से सेप्सिस (Sepsis) हो गया था | उनकी मृत्यु के कारण एक भीषण युद्ध हुआ, जिसमें 1 लाख से अधिक मासूम लोग मारे गए |
- एक मृत बंदर के मष्तिस्क का कच्चा और पका हुआ मांस मलेशिया और चाइना में व्यापक रूप से खाया जाता है |
- कैपुचिन (Capuchin) प्रजाति का पुरुष बंदर (Male Monkey) जब किसी बंदरिया को अपनी और आकर्षित करना चाहता है तो, पहले अपने हाथों में पेशाब करेगा | फिर उस गंध को अपने Fur (शरीर के बाल) पर अच्छी तरह से रगड़ेगा |
- ओस्ट्रेलिया और अंटार्कर्टीका को छोड़ कर दुनियां के हर एक हिस्से में अलग अलग प्रजाति के बंदर पाए जाते हैं |
- कोलंबिया की निवासी एक महिला ने दावा किया था की कैपुचिन प्रजाति के बंदरों की एक टोली ने उनका अपहरण कर लिया था | उसके बाद उन सब नें उसका पालन पोषण किया | और जब वह करीब 4 साल की हुई तब उसे जंगल में छोड़ दिया |
- किसी बंदर की पूंछ की नोक (अंतरिम भाग) पर त्वचा का एक पैच होता है | जो लगभग मनुष्य की उंगलियों के समान कार्य करता है | बंदर की त्वचा का यह भाग स्पर्श करने के लिए बहुत संवेदनशील होता है | इस जगह छोटी लकीरें भी होती हैं जो एक बंदर की पूंछ को बेहतर पकड़ (Tight Grip) देती हैं |
- कुछ वैज्ञानिकों के मतानुसार मादा बंदर अपने बच्चों को दांत साफ़ (Teeth Floss) करना सिखाती हैं | इस प्रक्रिया में वह किसी धागे से दातों की बीच की जगह रगड़ते हैं |
- वैसे तो दुनियां में कई प्रजाति के बंदर पाए जाते हैं | लेकिन लेसुला बंदर (The lesula monkey) सबसे हाल ही में खोजा गया बंदर है | यह बंदर वर्ष 2007 में अफ्रीका के कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य में खोजा गया है |
- दुनियां का सब से छोटा बंदर एक (Hamster) की साइज़ का होता है | (हम्स्टर यानी एक छोटा चूहे जैसा जिव) | बंदर की इस प्रजाति का नाम पाईगी मर्मोसिट (The pygmy marmoset) है | इस छोटे से बंदर की लम्बाई 5 इंच (12 सेमी) होता है | और इसकी पूंछ की लम्बाई 7 इंच (17 सेमी) होती है | यह टायनी बंदर एक व्यस्क इन्सान की हथेली में फिट हो सकता है | और इस छोटे पशु का वज़न किसी प्ले कार्ड के पेकेट जितना ही होता है |
- वज्ञानिक तारण अनुसार, किसी बंदर के संपर्क में आने पर मनुष्य को मंकी पोक्स, इबोला रेस्टोन, बी वाइरस (Cercopithecine herpesvirus 1), येलो फीवर, सिमियन इम्युनोडेफिशिएंसी वायरस, तपेदिक (tuberculosis), और कुछ अन्य बीमारीयां होना संभव हैं |
- थाईलैंड का एक प्रसिद्ध बंदर जिसे “Uncle Fat” के नाम से जाना जाता है | इस बंदर का शरीर विशाल काय बना | चूँकि वह पर्यटकों द्वारा छोड़े गए जंक फ़ूड और सोडा का सेवन करता रहता था | इस भीमकाय बंदर के पास ऐसे बंदर की छोटी टुकड़ी भी थी जो, उसके लिए खाना एकत्रित करता था |
- गिब्बोन्स, एप्स, लेमुर्स, और चिम्पांजी को वैज्ञानिक रूप से वानरों को श्रेणी में वर्गीकृत नहीं किया गया है | वह सब प्राइमेट हैं | लेकिन मनुष्यों की तरह इन बंदरों में भी भिन्न वर्गीकरण है |
- बबून प्रजाति के बंदर के पास 30 से अधिक ध्वनियों की एक “भाषा” होती है। वह सब सिकुड़ते हुए और होंठों की स्मैकिंग जैसी अजीब क्रियाओं के माध्यम एक दुसरे के साथ संवाद करते हैं |
- अमेरिका में स्थित “न्यूयॉर्क ब्लड सेंटर” (वर्ष 1970) नाम की एक मेडिकल रिसर्च संस्था टीकाकरण अनुसंधान हेतु जंगली चिंपांजी का उपयोग करती थी | इस संस्था को वर्ष 2005 में बंद कर दिया गया | तब बचे हुए 66 चिंपांजी (Chimps) को एक मुक्त स्थान पर बसा दिया गया | उस भूमि को “मंकी आयलेंड ” (Monkey island) नाम दिया गया |
- हिन्दू धर्म में बजरंगबली को वानरों के लीडर या देवता माना जाता है | धार्मिक परंपरा / मान्यता अनुसार Monkey God हनुमान के मंदिर में महिलाओं का प्रवेश निषेध है | चूँकि वह आजीवन अमर ब्रह्मचारी रहे हैं |
- आफ्रिका और एशिया के निवासी बंदर “Old World Monkeys” कहे जाते हैं | और मध्य और दक्षिण अमेरिका में रहने वाले बंदर “New World Monkeys” कहा जाते हैं |
- ओल्ड वर्ल्ड मंकी (एशिया और आफ्रिका के बंदर) की नाक चपटी संकीर्ण होती है | जो नीचे की तरह जुकी होती है | इनमें से बड़े बंदर पेड़ पर नहीं लटकते हैं | इनकी पूंछ पकड़ बनाने योग्य मज़बूत नहीं होती है | इन बंदरों के पिछवाड़े अजीब सपाट होता है |
- न्यू वर्ल्ड मंकी (मध्य और दक्षिण अमेरिका) के बंदर की पूंछ पेड़ की डाल पर पकड़ बनाने योग्य होती है | वह पेड़ पर ही रहते हैं | और उनकी नाक चपटी (Flatter) होती है |
- कैपुचिन बंदर नई दुनिया (New World) के बंदरों में सबसे आम और सबसे अधिक बुद्धिमान बंदर होते है |
- स्पाइडर मंकी (Spider Monkey) सभी प्रजाति के बंदर में, सब से अधिक लंबी छलांग मारने के लिए सक्षम होते हैं | यह Monkey करीब 35 फीट के बड़े अंतर तक कूद सकते हैं |
- एक मादा मकड़ी बंदर अपनी पूँछ से मुमफली भी उठा सकती है | इस प्रजाति की मादा बंदर का शरीर 2 फीट का और पूंछ 3 फीट तक लंबी हो सकती है | विश्व के सभी प्राइमेट बंदर प्रजाति में मकड़ी बंदर की पूँछ सब से अधिक लंबी होती है | इस प्रजाति (Species) के बंदर अपने पुरे शरीर का वज़न अपनी पूँछ पर उठा लेने में सक्षम होते हैं |
- मैनड्रिल बंदर के नुकीले दांत (Fangs) शेर के Fangs से भी लंबे हो सकते हैं | इस प्रजाति के बंदर के बॉटम बहुरंगी (Multi Coloured) होते हैं | जिसके कारण इन्हें जंगल में पत्तेदार धुंधली घांस में भी देखा जा सकता है |
- धरती पर सब से तेज़ दौड़ लगाने वाले बंदर (Monkey) की बात करें तो पतास बंदर (Patas Monkey) का नाम सब से ऊपर है | यह मंकी 34 मील प्रति घंटे (55 किमी / घंटा) की त्वरित गति से दौड़ लगा सकता है |
- कुछ समय पूर्व खोजा गया बंदर बर्मी (Burmese Monkey ) छींकने वाला बंदर कहा जाता है | यह मंकी बारिश के मौसम में छींकता रहता है |
- जापान के याकुशिमा टापू (Yakushima island Japan) पर रहने वाले बंदर हिरण के साथ खाना शेयर करते हैं | उसके बदले में वह उनकी सवारी करते हैं |
- कुछ हफ़्तों के प्रशिक्षण के बाद रीशस बंदर (Rhesus Monkey) नें आईने में खुद को पहचानना सिख लिया है | यह बंदर आईने के सामने आने पर अपने सभी निजी अंग और कपाल की और नज़र डालता है |
- बंदर (Monkey) लंबे समय तक जीवित रहने वाले जिव होते हैं | यह प्राणी 10 से 50 वर्ष के बीच जीवित रहते हैं |
- “मंकी आर्किड” (Monkey Orchid) एक ऐसा पुष्प है जो एक बंदर के मुस्कुराते चेहरे की तरह विकसित होता है | लेकिन दुर्भाग्यवश यह फुल केले की तरह महकने की बजाय, पकी सड़ी नारंगी की तरह बदबू देता है |
- जापान के एक शोध संस्थान के 15 बंदी बंदरों की टोली पेड़ की शाखाओं की मदद से हाई वोल्टेज वाले बिजली के बाड़े को कूद जाती थी | बाद में उन्हें मुमफली के साथ उस शोध केंद्र में वापिस ले आया गया |
- श्वेत-चेहरे वाले कैपुचिन बंदर अपने फर को विशालकाय अफ्रीकी मिलिपेड (Giant African Millipedes) के साथ रगड़ते हैं, ऐसा करने से कीड़े और विशेले जंतु उनसे दूर रहते हैं |
- प्रति वर्ष करीब 55 हज़ार प्राइमेट्स (वानर / नर वानर) का उपयोग अमेरिका में परीक्षण जानवरों के रूप में किया जाता है | ग्रेट ब्रिटेन में यह आकड़ा 10 हज़ार तक जाता है | और जापान में तो लाखों प्राइमेट्स शोध परिक्षण की बलि चढ़ जाते हैं |
- मेल मेंड्रिल (Male Mandrill) दुनियां का सब से बड़ा बंदर है | इसकी लम्बाई करीब 1 मीटर (3.3 फीट) होती है | यह मंकी करीब 35 किलो वज़नी (77 पौंड) का हो सकता है |
- स्क्वेरल मंकी (Squrrel Monkey) खुद की अनोखी पहचान दर्शाने के लिए अपनी पूंछ पर खाना लगाते / चिपकाते हैं | यह ठीक वैसा ही है जैसे हम मनुष्य Name Tag का इस्तमाल करते हैं |
- जंगल में अपने मूल निवास स्थान पर पेड़ों के कट जाने और बरबाद होने पर, सिर्फ 1,500 गोल्डन लायन टमारिंस (बंदर की एक दुर्लभ प्रजाति) बचे हैं |
- बंदरों के एक बड़े समूह को टुकड़ी, बैरल, कारलोड, कार्टलोड अथवा जनजाति के नाम से संबोधित किया जाता है |
- चाइना देश के यूनान प्रांत में रहने वाले ब्लेक–स्नब-नोज़्ड मंकी सब से ऊंचाई पर रहने वाली वानर प्रजाति है | यह वानर करीब 15 हज़ार फीट (4572 मीटर) की उंचाई पर रहते हैं |
- इथियोपियाई गेलैडस (Ethiopian geladas) बंदर दुनिया में सबसे बड़ी बंदर सेना बनाते हैं | इन वानरों के दल में करीब 350 से 650 वानर हो सकते है |
- बंदर (Monkey) एक दुसरे के फर से परजीवी साफ़ करते हैं | उन्हें खाते हैं | यह उनका आदान-प्रदान करन और निकटता बढ़ाने का एक तरीका हैं |
- मेल होव्लर बंदर (Male Howler Monkey) किसी भी अन्य प्रजाति के बंदरों से तेज़ दहाड़ता है | इसे पृथ्वी के सब से तेज़ चीखने वाले जानवर का दर्जा भी दिया जाता है | यह बड़ी हैरत की बात है की मेल होव्लर जितना तेज़ आवाज़ करता है उसके अंडकोष उतने ही छोटे होते जाते हैं | और उनमें शुक्राणुओं की संख्या भी कम होती जाती है |
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